जूलाॅजी के सहायक प्रोफेसर बलराम कुर्रे के अनुसार घर में पाई जाने वाली छिपकली में इतना जहर नहीं होता कि वह किसी की जान ले सके। यदि छिपकली मुंह में घुस गई है, तो श्वास नली से सांस रुक जाना भी बच्चे के मौत का कारण हो सकता है। Read More





























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