RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और राज्योत्सव 2026 के अवसर पर दिए जाने वाले राज्य अलंकरण सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। इस बार पत्रकारिता, साहित्य, कला-संस्कृति, खेल, सामाजिक सेवा, कृषि, चिकित्सा और आदिवासी उत्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रविवार को महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्मानित होने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के नामों की घोषणा की।

घोषित सूची में पत्रकारिता के क्षेत्र से कई नाम शामिल हैं। चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार के तहत प्रिंट मीडिया हिंदी श्रेणी में प्रमोद कुमार साहू को सम्मानित किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिंदी श्रेणी में वरुण सखाजी और रसिका पांडेय का चयन हुआ है। वहीं, अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार के लिए शिशिर रॉय चौधरी को चुना गया है।
कला और संस्कृति के क्षेत्र में हबीब तनवीर सम्मान डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर, चक्रधर सम्मान डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति और किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण मोहन सुंदरानी को दिया जाएगा। हिंदी साहित्य के क्षेत्र में डॉ. बिहारीलाल साहू सम्मान के लिए चयन किया गया है, जबकि पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को मिलेगा।

सामाजिक और जनकल्याण के क्षेत्र में डुमन लाल ध्रुव को शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान तथा सुखचंद भास्कर को गुरु घासीदास सम्मान प्रदान किया जाएगा। खेल के क्षेत्र में संजू देवी और तीरंदाजी के लिए टोमन कुमार का चयन हुआ है। इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में पुन्नीदास भट्ट, आयुर्वेद के लिए डॉ. दिनेश कुमार नाग, अपराध अनुसंधान के लिए उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय ‘सनी’ को सम्मानित किया जाएगा।

इस वर्ष राज्य अलंकरण समारोह में दो नए सम्मान भी शामिल किए गए हैं। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर पहली बार पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पिछले वर्ष 34 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से घोषित सम्मानों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना है। राज्योत्सव के दौरान आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में चयनित प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया जाएगा।


































