RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने एक केबल कंपनी के अधिकृत अधिकारी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को वाट्सएप संदेश भेजा और कंपनी के खाते से 2 करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का खुलासा होने के बाद कंपनी प्रबंधन ने रायपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी ने संबंधित बैंक खाते को तत्काल फ्रीज कराकर रकम वापस दिलाने की मांग की है।

पुलिस के मुताबिक, मैग्नेटो ऑफिस में स्थित वांकला केबल्स एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के कॉरपोरेट कार्यालय से जुड़ा यह मामला है। 16 अक्टूबर को कंपनी के बैंक ऑफ बड़ौदा की पंडरी शाखा स्थित खाते से आरटीजीएस के जरिए 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। कंपनी के अधिकृत अधिकारी अंशुल शर्मा के मोबाइल नंबर से अकाउंटेंट बीरेश तिवारी के वाट्सएप पर संदेश आया था। इसमें तत्काल 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था।

संदेश अधिकृत अधिकारी के नंबर से आने के कारण अकाउंटेंट ने इसे वास्तविक निर्देश समझा और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब संबंधित अधिकारी से संपर्क किया गया, तब पता चला कि उन्होंने पैसे भेजने का कोई निर्देश नहीं दिया था। इसके बाद मोबाइल नंबर क्लोन किए जाने या वाट्सएप के अनधिकृत इस्तेमाल के जरिए ठगी किए जाने की आशंका सामने आई।

जांच में सामने आया कि कंपनी के खाते से ट्रांसफर की गई रकम प्रयागराज के वीके कंस्ट्रक्शन के खाते में गई है। कंपनी प्रबंधन ने पुलिस से संबंधित खाते को तत्काल फ्रीज कराने और ट्रांसफर की गई रकम की रिकवरी के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।

साइबर सेल ने शुरू की तकनीकी जांच
शिकायत मिलने के बाद रायपुर साइबर सेल ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी में मोबाइल नंबर क्लोनिंग या वाट्सएप के अनधिकृत इस्तेमाल की क्या भूमिका थी और रकम ट्रांसफर कराने के पीछे कौन लोग शामिल हैं।


































