RAIPUR NEWS. राजधानी के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में मंगलवार शाम रावण दहन देखने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और रेलवे ट्रैक के पास संभावित हादसों को रोकने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और रेलवे ने तैयारियां की हैं। आम लोगों और वीआईपी के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वहीं, रेलवे ने उरकुरा से रायपुर स्टेशन के बीच मंगलवार दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक ट्रेनों की अधिकतम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का फैसला किया है।

पिछले आयोजनों के दौरान सड़क पर जाम लगने और एंबुलेंस के फंसने जैसी समस्याओं को देखते हुए इस बार आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए अलग रास्ता निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि रावण दहन देखने पहुंचने वाले लोगों के साथ ही आम यात्रियों को भी कम से कम परेशानी हो। डब्ल्यूआरएस मैदान में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है। आम लोगों को खमतराई ब्रिज के नीचे से मैदान में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, वीआईपी मंडी गेट और मोवा की ओर से वैगन रिपेयरिंग यार्ड के रास्ते कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे।

आम लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए केंद्रीय विद्यालय के पास करीब 300 वाहनों की क्षमता वाली जगह निर्धारित की गई है। यह पार्किंग भरने पर कार्यक्रम स्थल के पास मैदान में भी वाहनों को खड़ा कराया जाएगा। वीआईपी वाहनों के लिए मैदान में अलग पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भीड़ को एक साथ सड़क पर आने से रोकने के लिए मैदान के पीछे से रेलवे यार्ड होते हुए केंद्रीय विद्यालय के पास तक वन-वे रास्ता निर्धारित किया गया है। हालांकि, यातायात डायवर्जन और वन-वे व्यवस्था किस समय तक लागू रहेगी, इसकी विस्तृत समय-सारणी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों को मौके पर तैनात यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा।

उरकुरा से रायपुर तक 12 घंटे 15 किमी प्रति घंटे की गति सीमा
डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान के पास से मुंबई-हावड़ा रेल लाइन गुजरती है। रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और रेलवे ट्रैक के आसपास भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। मंगलवार दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक उरकुरा और रायपुर स्टेशन के बीच ट्रेनों की अधिकतम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी। लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाएंगे और जरूरत पड़ने पर ट्रेन रोक सकेंगे। रेलवे ट्रैक के आसपास बैरिकेडिंग भी की जाएगी, ताकि लोग पटरियों के नजदीक न पहुंचें।

लोगों से अपील: ट्रैक से दूर रहें, पुलिस के निर्देश मानें
रावण दहन के दौरान भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए लोगों को निर्धारित प्रवेश और निकासी मार्गों का उपयोग करना चाहिए। रेलवे ट्रैक के पास खड़े होकर कार्यक्रम देखने या पटरियां पार करने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी पार्किंग और डायवर्जन से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस, प्रशासन और रेलवे की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य रावण दहन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखना, यातायात सुचारु बनाए रखना और रेलवे ट्रैक के आसपास किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है।




































