मोहित जतवार
MUNGLI NEWS. पूरा मामला मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड शासकीय प्राथमिक शाला शारदा मे पदस्थ गुरुजी के ऊपर प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनीषा पाटले मेहरबान थी , आखिर कब तक आपकी लापरवाही पर पर्दा पड़ा रहेगा? दो साल से स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या लगातार घटती रही और आखिरकार संख्या शून्य हो गई। क्या आपको इसकी भनक तक नहीं लगी? या फिर बच्चों की शिक्षा से आपको कोई लेना-देना ही नहीं था?

जब स्कूल में बच्चे ही नहीं थे, तो शिक्षकों की व्यवस्था किसके इशारे पर चल रही थी?
क्या आपकी जिम्मेदारी सिर्फ कुर्सी पर बैठकर आदेश जारी करना है? स्कूलों में जाकर निरीक्षण करना, बच्चों की स्थिति जानना और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखना क्या आपकी जिम्मेदारी नहीं है?
उपमुख्यमंत्री के जनदर्शन में शिकायत पहुंची, तब जाकर विभाग हरकत में आया। इससे साफ सवाल उठता है कि आम जनता की शिकायत के बिना क्या विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं हैं?

मनीषा पाटले , जनता को जवाब चाहिए!
अगर समय रहते निरीक्षण किया गया होता, तो आज यह नौबत क्यों आती?
शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी का मतलब सिर्फ पद और कुर्सी नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के प्रति जवाबदेही भी है।

अब सवाल यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई कब होगी?
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए!





































