DOMAN LAL KORSEWADA PASSES AWAY. छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। उन्होंने हैदराबाद में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी हैदराबाद पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। हालांकि, उनके निधन को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
कौन थे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा?
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम थे। उनका जन्म 12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम भेंडरा में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय नम्मू दास कोर्सेवाड़ा था। उन्होंने राजनीति शास्त्र में एमए करने के बाद बीएड की पढ़ाई पूरी की थी। 4 मई 1970 को उनका विवाह कमला कोर्सेवाड़ा से हुआ था। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
शिक्षक से विधायक तक का सफर
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 1972 में सहायक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साजा स्थित प्राथमिक शाला से अध्यापन कार्य शुरू किया। वर्ष 1987 में वे उच्च श्रेणी शिक्षक बने और 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त हुए।
इसके बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे दुर्ग जिला विधि सहायता प्रकोष्ठ, सतनामी कल्याण संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे।
सामाजिक चेतना और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में योगदान के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2006 में उन्हें गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया था। उन्हें सतनामी समाज में राजमहंत का पद भी प्राप्त था।
अहिवारा के पहले विधायक बनने का मिला था गौरव
वर्ष 2008 में पाटन और धमधा विधानसभा क्षेत्रों के कुछ हिस्सों को अलग कर अहिवारा विधानसभा सीट का गठन किया गया था। इसके बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत दर्ज कर इस सीट के पहले विधायक बनने का गौरव हासिल किया।
हालांकि, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद वे पार्टी और जनता के बीच सक्रिय रहे।
2023 में कांग्रेस प्रत्याशी को दी थी करारी शिकस्त
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर डोमन लाल कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी।
चुनाव में डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के निर्मल कोसरे को 71,454 मत प्राप्त हुए थे।
उनकी सहज, सरल और मिलनसार छवि को उनकी राजनीतिक सफलता का एक बड़ा कारण माना जाता था। विधायक रहते हुए भी वे आम लोगों से सीधे जुड़कर मिलते थे और क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते थे।
निधन से भाजपा को अपूरणीय क्षति
डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के निधन से भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपना एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि खो दिया है। शिक्षक के रूप में करियर शुरू करने से लेकर विधायक बनने तक का उनका सफर संघर्ष, सामाजिक जुड़ाव और राजनीतिक सक्रियता का उदाहरण रहा। उनके निधन की खबर से समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और सतनामी समाज में शोक का माहौल है।




































