KOTA NEWS. कोटा क्षेत्र में संचालित Welcome Distillery पर जल संसाधन विभाग का 89.62 करोड़ रुपये का बकाया अब सिर्फ वित्तीय मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। वर्षों से लंबित इस भारी राशि की वसूली न होना, शासन के राजस्व प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है। संगठन का आरोप है कि विभाग द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह मामला संदेह के घेरे में आ गया है।

आम जनता पर सख्ती
संगठन ने सवाल उठाया कि जहां आम नागरिकों से छोटी राशि की वसूली के लिए तत्काल नोटिस, कुर्की और सख्त कदम उठाए जाते हैं, वहीं एक निजी कंपनी के करोड़ों के बकाये पर प्रशासन की चुप्पी दोहरे मापदंड को दर्शाती है।

सिर्फ बकाया नहीं, संसाधनों का सवाल
मामले को सिर्फ आर्थिक बकाया तक सीमित न बताते हुए संगठन ने इसे अवैध जल दोहन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह प्रभावशाली संस्थाओं को कानून से ऊपर होने का संदेश देगा।

आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में संगठन ने स्पष्ट मांगें रखते हुए कहा है कि 89.62 करोड़ रुपये की तत्काल वसूली की जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हो, लापरवाह अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय की जाए, संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेंगे।

अब इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका सबसे अहम हो गई है। यह देखना होगा कि करोड़ों के इस बकाये पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।



































