BILASPUR NEWS. सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई साढ़े 3 लाख की चोरी सिर्फ एक घर में सेंधमारी की घटना नहीं है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था और कॉलोनियों में बढ़ती निगरानी की कमी को उजागर करती एक बड़ी घटना बनकर सामने आई है। चोर जिस तरह छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे, उससे साफ है कि आरोपी लंबे समय से घर पर नजर रखे हुए थे और उन्हें परिवार की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी।

नंद विहार कॉलोनी के विनोद पाठक, जो ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं, 23 नवंबर को भतीजे की शादी में परिवार सहित गए थे। कॉलोनी में न गार्ड था और न ही बाहरी संदिग्धों को रोकने-टोकने की व्यवस्था। यही वजह रही कि चोरों ने पूरे घर की रेकी कर समय चुनकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि चोर छत तक पहुंचे, ऊपर बने दरवाजे की शीट काटी, कुंडी तोड़ी और फिर सीढ़ियों से नीचे उतरकर अलमारी तोड़ी। यह तरीका बताता है कि चोरों को घर की बनावट और परिवार की दिनचर्या, दोनों का पूरा अंदाज था।

अलमारी में रखे थे कीमती जेवर— चोरों को मालूम था कहां रखना है हाथ
अलमारी से चोरों ने बेहद छांटकर सामान उठाया सोने की चेन, अंगूठियां, बालियां, चांदी के बर्तन, पायल, करधन, सिक्के और 1.50 लाख रुपये नकद। यह साफ संकेत है कि उन्हें पता था कि किस हिस्से में कीमती सामान रखा है।

कॉलोनी में CCTV नहीं, सुरक्षा गश्त भी शून्य
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घर के आसपास CCTV कैमरे नहीं थे। यह एक ऐसा कारण रहा जिसने चोरों को बिना भय के पूरी रात मौके पर घूमने-फिरने की छूट दी। पुलिस का कहना है कि शहर में हाल के महीनों में कई वारदातें ऐसे घरों में हुई हैं, जहां ना CCTV था और ना ही कोई चौकसी। यह घटना भी उन्हीं में से एक है।

न सिर्फ चोरी, बल्कि सुरक्षा तंत्र की नाकामी भी उजागर
यह मामला पुलिस के लिए सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि कॉलोनियों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी, रात की पेट्रोलिंग की कमी और ‘स्लम पॉकेट्स के एक्टिव गैंग’ जैसे कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर शहर की कॉलोनियों में निजी और सामुदायिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




































