सरकार की धांसू पहल : घायलों को अस्पताल पहुँचाओ और पांच हजार रुपये पाओ

इस संबंध में परिवहन विभाग ने बताया कि योजना के तहत ऐसा कोई भी व्यक्ति पात्र होगा, जिसमें मोटरगाड़ी से दुर्घटना ग्रस्त हुए व्यक्ति को पहले घंटे के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान कराकर एक दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की जान बचाई हो। यह योजना उस सहयोग करने वाले व्यक्ति को यथोचित सहयोग के साथ विधिक संरक्षण प्रदाय करता है

रायपुर (raipur)। सेवा भावना के साथ आप किसी की मदद करते हैं, किसी गंभीर घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाते हैं तो उसकी जान बच (save life) जाती है। वहीं पुण्य भी मिलेगा। पर अब आपको किसी की सहायता करने का मौका मिला तो आप जरूर करें, क्योंकि शासन अब ऐसे मददगारों को पुरस्कार (award) भी देगा।

जी हां.. परिवहन विभाग (transport department) ने ऐसी ही एक योजना (plan) लागू की है। आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और दूसरे घायलों के जीवन बचाने के लिए आम जनता को प्रेरित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण योजना का संचालन प्रारंभ कर दिया है। परिवहन व वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में यह योजना 15 अक्टूबर से लागू हो गई है।

ये है योजना
योजना का नाम ‘‘मोटर गाड़ी से दुर्घटना के महत्वपूर्ण पहले घंटे के दौरान दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार प्रदाय करने की पहल करनी है। इसके लिए अस्पताल अथवा आपातकालीन देख-भाल केन्द्र पहुंचाने संबंधी त्वरित व्यवस्था कर जीवन बचाने वाले नेक सहयोगी को पुरस्कृत किए जाने अनुदान योजना’’ है। इसके तहत प्रत्येक नेक व्यक्ति के लिए पुरस्कार की राशि 5 हजार रूपए प्रति घटना के हिसाब से निर्धारित है।

दुर्घटना ग्रस्त हुए व्यक्ति की बच जाएगी जान
इस संबंध में परिवहन विभाग ने बताया कि योजना के तहत ऐसा कोई भी व्यक्ति पात्र होगा, जिसमें मोटरगाड़ी से दुर्घटना ग्रस्त हुए व्यक्ति को पहले घंटे के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान कराकर एक दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की जान बचाई हो। यह योजना उस सहयोग करने वाले व्यक्ति को यथोचित सहयोग के साथ विधिक संरक्षण प्रदाय करता है, जो चोटिल, बीमार, आपदा में या असक्षम की सहयोग करता है। योजना के निर्माण का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति के सहयोग और उसके मानसिक स्थिति को बनाए रखने तथा अन्य लोगों को सहयोग हेतु प्रेरित करने के लिए आमजन को नगद पुरस्कारों और प्रमाण पत्रों के माध्यम से प्रोत्साहित करना है। मोटर गाड़ी अधिनियम के अनुसार गंभीर दुर्घटना के बाद की एक घंटे की समयावधि, जिसके दौरान तत्काल चिकित्सकीय देख-भाल प्रदान करके मृत्यु को रोकने की उच्चतम संभावना होती है, वह गोल्डन अवर कहलाता है।

मूल्यांकन समिति करेगी जांच
योजना के तहत नेक व्यक्ति के चयन के लिए जिला स्तर पर गठित मूल्यांकन समिति में संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी, सीएमओएच तथा आरटीओ (परिवहन विभाग) शामिल होते हैं। यदि नेक व्यक्ति द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी जाती है, तो डॉक्टर से विवरण की पुष्टि के बाद पुलिस नेक व्यक्ति को आधिकारिक लेटर पैड पर नेक व्यक्ति के नाम, उसके मोबाइल नम्बर और पता, स्थान, दुर्घटना का दिनांक व समय और कैसे नेक व्यक्ति ने पीड़ित का जान बचाने में मदद की है आदि का उल्लेख करते हुए एक पावती प्रदान करेगी।

अस्पताल देगा थाने को जानकारी
यदि नेक व्यक्ति पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाता है, तो अस्पताल समस्त जानकारी संबंधित थाने को देगा। विवरण की पुस्टि के बाद पुलिस नेक व्यक्ति को आधिकारिक लेटर पैड पर नेक व्यक्ति के नाम, उसके मोबाइल नम्बर और पता, स्थान, दुर्घटना का दिनांक व समय और कैसे नेक व्यक्ति ने पीड़ित का जान बचाने में मदद की है आदि का उल्लेख करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान करेगी।

(TNS)