BILASPUR NEWS. शहर के तोरवा थाना क्षेत्र में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। विशाखापत्तनम की रहने वाली एक मां और उसकी बेटी ने मिलकर एक रिटायर्ड कर्मचारी को अपने जाल में फंसाया और उसके बेटे की रेलवे में नियुक्ति कराने का झांसा देकर करीब 15 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए रेल मंत्रालय के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) भी भेजा था।

5 साल तक देते रहे झांसा, 18 ट्रांजेक्शन में वसूले पैसे
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, तोरवा क्षेत्र के निवासी एन. वेंकट सूर्यप्रताप, जो कि एक निजी संस्थान से रिटायर हुए हैं, उन्हें अगस्त 2020 में तेनिटी इंद्राणी नाम की महिला का फोन आया था। महिला ने दावा किया कि वह ‘राजनीतिक कोटे’ के जरिए उनके बेटे की रेलवे में नौकरी लगवा सकती है।


शुरुआत में 6 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन सौदा 4 लाख में तय हुआ। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में और ‘राजनीतिक कोटे’ का हवाला देकर रकम बढ़ानी शुरू कर दी। जब नौकरी नहीं लगी, तो आरोपियों ने कोविड-19 और चुनावों का बहाना बनाकर समय टालना शुरू कर दिया।

फर्जी नियुक्ति पत्र से जीता भरोसा
धोखाधड़ी की हद तो तब हो गई जब जून 2024 में आरोपियों ने रेल मंत्रालय के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र ईमेल के जरिए भेजा। पत्र दिखने में बिल्कुल असली था, जिस पर भरोसा कर पीड़ित ने और पैसे देना जारी रखा। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरोपियों ने फिर से लाखों रुपये की मांग की। पीड़ित ने कुल 18 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से यूपीआई (UPI) और बैंक ट्रांसफर के जरिए कुल 15 लाख रुपये आरोपियों के खाते में जमा कराए।





































