TOLL PLAZA NEW RULES: हाईवे और टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। 1 नवंबर 2026 से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोगों को कन्सेशनल लोकल टोल पास की सुविधा मिलने वाली है। इस पास के जरिए वाहन मालिक सालाना निर्धारित शुल्क देकर संबंधित टोल प्लाजा से बार-बार आ-जा सकेंगे। ऐसे में नौकरी, कारोबार या अन्य जरूरी कामों के लिए रोजाना टोल पार करने वाले लोगों को बार-बार टोल शुल्क चुकाने से राहत मिल सकती है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नए नियमों के तहत इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। यह पास सभी वाहनों और सभी टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगा। आइए जानते हैं कि लोकल टोल पास के लिए कितनी फीस देनी होगी, कौन इसके लिए पात्र होगा और किन जगहों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी।

सालाना ₹1,500 या ₹3,000 में बनेगा लोकल टोल पास
नए नियमों के मुताबिक, लोकल टोल पास की सालाना फीस संबंधित टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर तय की जाएगी।

₹1,500 सालाना: अगर टोल प्लाजा नगर निकाय या स्थानीय कस्बाई क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित है।
₹3,000 सालाना: अगर टोल प्लाजा नगर निकाय या स्थानीय कस्बाई क्षेत्र की सीमा के अंदर आता है।
इस पास की मदद से पात्र वाहन मालिक संबंधित टोल प्लाजा से बार-बार गुजर सकेंगे। हालांकि, इसकी वैधता केवल उसी टोल प्लाजा तक सीमित रहेगी, जिसके लिए पास जारी किया गया है। दूसरे टोल प्लाजा से गुजरने पर सामान्य नियमों के मुताबिक शुल्क देना होगा।
किन लोगों को मिलेगा लोकल टोल पास का फायदा?
कन्सेशनल लोकल पास का लाभ लेने के लिए वाहन मालिकों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। इसके तहत:
वाहन मालिक संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहता हो।
वाहन निजी और गैर-कमर्शियल श्रेणी का होना चाहिए।
वाहन पर वैध और चालू FASTag लगा होना जरूरी है।
पास का इस्तेमाल केवल उसी टोल प्लाजा पर किया जा सकेगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
इस सुविधा से खासतौर पर उन लोगों को फायदा हो सकता है, जिन्हें रोजाना ऑफिस, दुकान, कारोबार या अन्य जरूरी कामों के लिए टोल प्लाजा पार करना पड़ता है।
सामान्य FASTag और लोकल टोल पास में क्या अंतर है?
सामान्य FASTag के जरिए टोल पार करने पर हर बार लागू टोल शुल्क वाहन के FASTag खाते से कटता है। वहीं, कन्सेशनल लोकल पास में पात्र वाहन मालिक एक बार सालाना शुल्क देकर संबंधित टोल प्लाजा से बार-बार गुजर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा दूसरे टोल प्लाजा पर लागू नहीं होगी। वहां वाहन मालिक को सामान्य FASTag के जरिए निर्धारित टोल शुल्क देना होगा।
मासिक पास और लोकल पास में से करना होगा एक का चुनाव
नए नियमों के अनुसार, वाहन मालिक अपनी जरूरत के हिसाब से सामान्य मासिक पास या कन्सेशनल लोकल पास में से किसी एक को चुन सकेंगे। दोनों पास का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकेगा। इसलिए पास बनवाने से पहले अपनी नियमित यात्रा और खर्च के हिसाब से सही विकल्प चुनना जरूरी होगा।
इन टोल प्लाजा पर नहीं मिलेगी सुविधा
लोकल टोल पास की सुविधा हर टोल प्लाजा पर उपलब्ध नहीं होगी। जिन जगहों पर आवागमन के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, वहां इस पास का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा, Closed User Fee Collection System के तहत शुल्क वसूलने वाले हाईवे और एक्सप्रेसवे भी इस सुविधा के दायरे से बाहर रहेंगे। इसलिए केवल टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के भीतर रहने से पास की पात्रता सुनिश्चित नहीं होगी। संबंधित टोल प्लाजा पर लागू नियमों और शर्तों को भी पूरा करना होगा।
हर साल बदल सकती है लोकल पास की फीस
लोकल टोल पास की फीस हमेशा एक जैसी रहेगी, यह जरूरी नहीं है। नए नियमों के तहत केंद्र सरकार को इसकी दरों में संशोधन करने का अधिकार होगा। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, फीस में हर साल 1 अप्रैल को बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में भविष्य में सालाना ₹1,500 और ₹3,000 की मौजूदा दरें बदल भी सकती हैं।
1 नवंबर 2026 से लागू होंगे नए नियम
नए नियम 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होने वाले हैं। इसके बाद पात्र वाहन मालिक निर्धारित शर्तों के तहत कन्सेशनल लोकल टोल पास का लाभ ले सकेंगे। यदि आप भी किसी टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं और रोजाना वहां से गुजरते हैं, तो पास बनवाने से पहले संबंधित टोल प्लाजा की पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जरूर प्राप्त करें।



































