BHILAI NEWS. छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पावर प्लांट-2 के टर्बाइन सेक्शन में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे टर्बाइन हॉल में तेजी से धुआं फैल गया और अंदर मौजूद कर्मचारियों के बीच जान बचाने की अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कई कर्मचारी 20 से 25 फीट ऊंचाई पर बनी खिड़कियों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। कुछ कर्मचारी पाइप के सहारे नीचे उतरे, जबकि कुछ को उनके साथियों ने पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाला।

इस दौरान करीब 10 कर्मचारी खिड़कियों पर लटकते हुए नजर आए, जिनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस हादसे में कुल 7 कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 नियमित और 5 संविदा श्रमिक शामिल हैं। भगदड़ के दौरान एक संविदा कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया। सभी घायलों को सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

प्लांट प्रबंधन के अनुसार, घटना सुबह करीब 10:05 बजे पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन-2 के STG-4 टर्बाइन में हुई, जहां अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग और धुएं ने प्लांट के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में दूर तक काले धुएं के गुबार दिखाई देने लगे। घटना की सूचना मिलते ही संयंत्र की अग्निशमन टीम सक्रिय हो गई। फायर ब्रिगेड की 6 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद 11:10 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

इसके बाद पूरे क्षेत्र में कूलिंग का काम भी किया गया, ताकि किसी तरह की दोबारा आग लगने की आशंका को खत्म किया जा सके। आग लगने के दौरान कंट्रोल रूम और स्विचगियर कक्ष में मौजूद सभी कर्मचारियों और श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, बाहर निकलने के दौरान मची भगदड़ में कुछ कर्मचारी घायल हो गए।

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन शुरुआती तौर पर टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी।

घटना के बाद प्लांट के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




































