BILASPUR. आईएएस अफसर की कुर्सी की गरिमा को बिलासपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने और बढ़ा दिया है, ये हम नहीं सोशल मीडिया में लोग कह रहे हैं। उन्होंने काम ही है ऐसा किया है कि कोई भी तारीफ किए बिना नहीं रह सकता। दरअसल, जनदर्शन की कतार में केंद्र सरकार की विभिन्न सलाहकार समितियों में बतौर सदस्य शामिल रहे बुजुर्ग अचानक गिर पड़े तब। कलेक्टर खुद कुर्सी से उठ गए और बुजुर्ग का हाल जाना, फिर कलेक्टोरेट की ही एक गाड़ी से अस्पताल भी भिजवाया।


बुजुर्ग कुंजबिहारी बिलासपुर के मध्यनगरी क्षेत्र में रहते हैं। वे पिछले 44 साल से समाजसेवा करने के अलावा केंद्र सरकार की ओर से गठित पर्यावरण व रेल सलाहकार समिति के सक्रिय सदस्य भी रहे हैं। इस दौरान उनके दिए कई महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में भी लाया गया है।
मंगलवार को वे जनदर्शन के बीच इसलिए पहुंचे थे कि वे कलेक्टर को शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में की जा रही गडबड़ियों पर ध्यानाकर्षण करने के साथ ही उन्हें कुछ सुझाव दें। दस्तावेजों का पुलिंदा थामे जब वे कलेक्टोरेट पहुंचे तो कर्मचारियों ने कहा कि आज जनदर्शन चल रहा है। ऐसे में उन्हें कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए। फिर क्या था, बुजुर्ग शहर व गांव से अपनी-अपनी फरियाद लेकर आए लोगों के बीच कतार में खड़े हो गए। लेकिन, सीढ़ी के पास पहुंचने पर अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़े।
इससे वहां कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई।

यह बात अपनी कुर्सी पर बैठे कलेक्टर सौरभ कुमार तक भी पहुंची। फिर क्या था, वे अपनी कुर्सी से उठे और सीधे बुजुर्ग के पास पहुंच गए। उनके पास बैठकर उनका हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे अपनी बात इत्मीनान से उनसे कह सकते हैं, लेकिन पहले इलाज होना जरूरी है। ऐसे में उन्होंने तत्काल कलेक्टोरेट की एक गाड़ी से उन्हें अस्पताल ले जाने को कहा। मौके पर गाड़ी लाकर बुजुर्ग को अस्पताल भिजवाया गया। इसी दौरान मीडियाकर्मी समेत कई लोगों ने इसका फोटो खींच लिया और वीडियो भी बना लिया। अब यह सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है। इसमें लोग कह रहे हैं कि अफसर हों तो सौरभ कुमार जैसे हों जिन्होंने अपनी कुर्सी की गरिमा को और बढ़ाने का काम करते हुए मानवता की मिसाल पेश की है।


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