Video : दुर्ग से भाजपा सांसद सरोज पांडेय बनी पत्रकार, अंजना ओम कश्यप की तरह प्रदेश सरकार से पूछे सवाल

DURG. वरिष्ठ BJP नेता और राज्यसभा सदस्य सुश्री सरोज पांडेय का आग एक अलग ही रूप देखने को मिला। सरोज पांडेय आज पत्रकार की भूमिका में नज़र आईं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सड़कों की रिपोर्टिंग कर डाली। उनकी रिपोर्टिंग का अंदाज बिलकुल anjana om kashyap की तरह रहा। उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग में मुख्यमंत्री bhupesh baghel और गृहमंत्री tamradwaj sahu से सड़कों की हालत देखने की बात कही।

विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे ही नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय अपने एक वीडियो के जरिये छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर पत्रकारों के रूप में हमलावर हुईं। इस बार उन्होंने प्रदेश की सड़कों को लेकर भूपेश सरकार पर निशाना साधा है।

राज्यसभा सांसद ने अकलतरा विधान सभा के बिलोदी से अपना एक वीडियो ट्विटर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है “मरम्मत के बिना छत्तीसगढ़ की सड़कें कराह रही हैं और छत्तीसगढ़ियों की गाढ़ी कमाई के पैसे से कांग्रेस अन्य राज्यों में ‘चुनावी प्रबंधन’ कर रही है”। वीडिओ में सरोज पांडेय प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और PWD मंत्री ताम्रध्वज साहू को इस सड़क पर आने के लिए आमंत्रित कर रही हैं। उनका यह वीडिओ अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

बीजेपी सांसद सरोज पांडेय ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में पता ही नहीं चलता की सड़कों में गड्ढों हैं या गड्ढों में सड़क। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने हर भाषण में कहते है की राज्य में सड़कों की स्थिति बहुत अच्छी है। उनको एक बार यहां आकर देखना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार में PWD और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को भी आमंत्रित करते हुए कहा कि वो यहां आएं और देखें कैसे लोग इन गड्ढों से होकर यात्रा करने को मजबूर है। इनकी वजह से अगर कोई दुर्घटना होती है तो कौन जिम्मेदार होगा।

भूपेश की रैली पर भी किया था तंज
बता दें इससे पहले भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ‘हल्ला बोल’ रैली में शामिल होने को लेकर उन्होंने ट्वीट किया था। राज्यसभा सांसद ने अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था “मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर से रैली में शामिल होने दिल्ली गए हैं और वही उनके मंत्री टीएस सिंहदेव जी दिल्ली से भोपाल चले गए। जो अपनी पार्टी को इतने सालों में नहीं जोड़ पाए, वो भारत जोड़ने चले हैं। इससे पता चलता है कि वो सरकार पर हमला करने का एक भी मौका जाने नहीं देती हैं।