मिल रही है ट्रेनों के लोकेशन की सटीक जानकारी, रायपुर रेल मंडल के इंजनों में लगी है यह विशेष डिवाइस

South Estern Central Railway
locomotives of Raipur Railway Division

रायपुर। समय के साथ भारतीय रेल भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होता जा रहा है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारतीय रेल ने काफी तरक्की कर ली है। ट्रेनों के लोकेशन की सटीक जानकारी के लिए इन दिनों ट्रेनों में एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसकी मदद से यात्रियों को उनके ट्रेनों के लोकेशन की सटीक जानकारी मिल रही है। रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली इस तकनीक का नाम है रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम (RTES)।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 106 रेल इंजनो में रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम (RTES) डिवाइस लगाए गए है ।  वहीं रायपुर रेल मंडल 93इंजनों में रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम (RTES) डिवाइस लगाया जा चुका हैं। इसकी मदद से ट्रेन स्टेशन से छूटने के बाद किस  समय कहां पहुंची, सकी सटीक जानकारी ट्रेनों के इंजनों में लगे रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम (आरटीईएस) की मदद से मिल रही है ।

यह डिवाइस भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा सैटेलाइट आधारित है। रेल इंजनों में लगाई गई यह डिवाइस जीपीएस के आधार पर ट्रेनों की गति पढ़कर अपडेट जारी करती है । सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों की ट्रैकिंग के लिए इंजनों में फिट डिवाइस के द्वारा ट्रेनों की एक-एक पल की लोकेशन सिस्टम में ऑटोमेटिक फीड होता है । इससे न सिर्फ रेल इंजनो की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त होती है बल्कि यात्रियों को भी इस सुविधा का लाभ ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी के रूप में आसानी से मिल रही है।

बता दें पहले ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के आधार पर मिलती थी।  ट्रेनों की औसत गति के आधार पर लोकेशन का अनुमान लगाया जाता था। वर्तमान में रीयल टाइम इंफार्मेशन सिस्टम (आरटीईएस) के साथ अपग्रेड सिस्टम के शुरू हो जाने से ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने की वास्तविक टाइमिंग पता चलता है। साथ ही साथ ट्रेन किसी जंगल से गुजर रही है या फिर कहीं आउटर पर खड़ी है, इसकी जानकारी भी हो सकेगी। इस सिस्टम को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी इंजनों में अपग्रेड किया जा रहा है।