बासी खा रहे पार्षद को पुलिस ने उठाया, लेकिन पार्षद ने नहीं छोड़ा कटोरा, पुलिस की गाड़ी में भी जारी रहा खाना

पार्षद ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन जूनियर कर्मचारियों को प्रभारी अधिकारी बनाकर उनके माध्यम से भ्रष्टाचार करवा रहा है।

बासी के कटोरे के साथ पार्षद को ले जाती पुलिस।

तीरंदाज, भिलाई। मजदूर दिवस पर मजदूरों के हक के लिए सत्याग्रह पर बैठे भिलाई निगम के भाजपा पार्षद को रविवार को उठा लिया। वह मजदूर दिवस पर बोरे-बासी लेकर भिलाई निगम मुख्य कार्यालय पहुंचे और वहां पर गांधी प्रतिमा के सामने सत्याग्रह पर बैठकर बोरे बासी खाने लगे। इसी दौरान सुपेला पुलिस वहां पहुंची और पार्षद को हिरासत में ले लिया। गजब ये रहा कि पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी पार्षद ने बोरे-बासी का कटोरा नहीं छोड़ा और पुलिस की गाड़ी में बैठकर भी उसे खाते रहे।

भिलाई नगर निगम के भाजपा पार्षद रिकेश सेन मूल पद के विपरीत प्रभारी अधिकारी बनाए जाने की परंपरा का विरोध करने के लिए पहुंचे थे। उनका कहना है कि भिलाई निगम में मूल पद के विपरीत प्रभार देकर जूनियर कर्मचारियों को प्रभारी अधिकारी बनाया जा रहा है। जबकि निगम में उस पद के योग्य अधिकारी हैं। जबकि निगम में ऐसा नियम है कि जब निगम में मूल पद के योग्य अधिकारी हो तो उसके होते हुए जूनियर अधिकारियों को प्रभारी अधिकारी नहीं बनाया जा सकता है।

पार्षद रिकेश सेन के हाथ से बासी का कटोरा लेने का प्रयास करती पुलिस।

जूनियर के जरिये हो रहा भ्रष्टाचार
पार्षद ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन जूनियर कर्मचारियों को प्रभारी अधिकारी बनाकर उनके माध्यम से भ्रष्टाचार करवा रहा है। भिलाई निगम में ऐसे कई भ्रष्टाचार हुए हैं। जो इसी तरह से किए गए हैं और वे उजागर नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि वे आने वाले समय में निगम के भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे।

आवाज दबाने की कोशिश
हिरासत में लिए जाने के बाद पार्षद सेन ने कहा वे मजदूर दिवस पर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे थे। वहां पर बोरे-बासी खा रहे थे। लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने उन्हें खाते समय गिरफ्तार किया। यह शासन और प्रशासन की दमनकारी नीति का उदाहरण है। यह उनकी आवाज को दबाने के लिए किया गया। लेकिन, वे किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार और अनियमितता को सामने लाएंगे।