पार्षद सूरज हत्याकांड : जुआ-सट्टा और शराब का अड्डा, आपराधिक किस्म के लोगों का आना-जाना …कुछ तो इशारा करता है

ग्रामीणों के अनुसार सूरज जुआ खेलने का आदी था। इस दांव में वह बड़ी रकम हार चुका था। वहीं वह कुछ जुआरियों को उधार में रकम दिया था। इन सभी बातों पर गौर करते हुए पुलिस ने उनके साथ उठने-बैठने, जुए में दांव लगाने वालों पर ध्यान केंद्रित किया है।

भिलाई। भिलाई तीन (bhilai 3) चरोदा (charoda) नगर निगम (municipal corporation) के हथखोज (Hathkhoj) के कांग्रेस पार्षद (Congress councilor) सूरज बंछोर की हत्या (killing) को दो दिन पूरे हो गए। लेकिन हत्या के वाजिब कारण का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं हत्यारे तक पहुंचने का रास्ता भी अभी साफ नहीं हो पाया है।

पुलिस की टीमें कई एंगल से बंछोर के संबंधितों, ग्रामीणों से चर्चा कर इस वारदात की तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी हुई हैं। एक बात साफ है कि मामले में जुआ-सट्टा, लेन-देन और राजनीतिक कारण ही जांच का केंद्र है।

जुए और शराब का कारोबार

बता दें कि पार्षद सूरज की हत्या के वारदात के दो दिनों बाद भी भले ही पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई हो, पर इलाका चर्चा में बना हुआ है। हथखोज में होने वाले सारे अवैध धंधों पर से पर्दा उठ रहा है। जुआ-सट्टा, शराबखोरी के लिए यहां दूर-दूर से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। मतलब यहां पर किसी न किसी के संरक्षण में अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। माना जा रहा है कि ये पार्षद की हत्या का बड़ा कारण हो सकता है।

दर्जनभर संदेहियों से नहीं मिला कोई क्लू
हत्या मामले में अब तक परिणाम बेनतीजा रहा है। दर्जनभर संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इसलिए अब पुलिस आसपास के जुआरियों से हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में है। इस दौरान इन संदेहियों से अनेक अधिकारियों ने अलग-अलग पूछताछ की, पर वे किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाए।

इशारा कर रहे बिखरे पड़े ताश के पत्ते, शराब की बोतलें
पुलिस अब पूरा ध्यान जुआरियोें पर केंद्रित करने की कोशिश में हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जिस जगह पर हत्या हुई है उस जगह पर ताश के पत्ते बिखरे पड़े थे। शराब की बोतलें पड़ी थीं। इलाके में दुर्ग-भिलाई-रायपुर तक के बदमाश टाइप के लोगों का आना-जाना है। कई टीमें अलग-अलग एंगल लेकर हथखोज के साथ ही आसपास इलाके के लोगों से बातचीत कर रही है।

पोस्टर हटाने को लेकर हुआ था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार सूरज जुआ खेलने का आदी था। इसमें वह बड़ी रकम हार चुका था। वह कुछ जुआरियों को उधार भी दिए था। इन सभी बातों पर गौर करते हुए पुलिस ने उसके साथ उठने-बैठने, जुए में दांव लगाने वालों पर ध्यान केंद्रित किया है। वहीं हथखोज में लगे राजनीतिक पोस्टर हटाने के लेकर भी किसी से विवाद होने की बात भी सामने आ रही है।

प्लानिंग से की गई हत्या, आम चर्चा पर भी ध्यान केंद्रित
कांग्रेस पार्षद सूरज बंछोर की हत्या को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम देने की बात सामने आ रही है। मामले में आईजी ओपी पाल ने कहा था आम लोगों के बीच जो चर्चा है उन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। आईजी ने यह भी कहा है अगर जुए के मामले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एएसपी संजय ध्रुव ने मंगलवार को कहा था कि अभी तक की जांच में पता चला है कि हमले में तीन से ज्यादा लोग शामिल थे। ग्रामीणों के अनुसार सूरज के साथ सोमवार को जो लोग थे उन्हें पहली बार उनके साथ देखा गया था।

(TNS)