पार्षद सूरज हत्याकांड का खुलासा : दो साल पहले रंजिश, एक साल पहले बनाई योजना, चार आरोपी गिरफ्तार

पूरी जांच में ये पता चला था कि पार्षद सूरज से दो साल पहले से किसी के साथ रंजीश है। इसलिए आरोपियों ने एक साल पहले से इस वारदात को अंजाम देने की योनजा बनाई थी। आरोपियों से 2 नग देशी कट्टा व 4 जिन्दा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद कर दिया गया है।

भिलाई। भिलाई तीन-चरोदा (Bhilai-Charoda) नगर निगम के पार्षद सूरज बंछोर की हत्या (massacre) के पांच दिनों बाद आरोपी आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार (accused arrested) कर मीडियाकर्मियों (media persons) के सामने पेश किया गया। जहां घटना से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी।

पार्षद सूरज की हत्या के बाद से पुलिस महानिरीक्षक (Inspector General of Police) दुर्ग रेंज ओपी पाल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (senior superintendent of police) बद्री नारायण मीणा के मार्गदर्शन में टीमें लगातार काम कर रही थी। पूरी जांच में ये पता चला था कि पार्षद सूरज से दो साल पहले से किसी के साथ रंजिश है। इसलिए आरोपियों ने एक साल पहले से इस वारदात को अंजाम देने की योनजा बनाई थी। आरोपियों से 2 नग देशी कट्टा व 4 जिन्दा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद कर दिया गया है।

बता दें कि 15 नवंबर की रात भिलाई-03, हथखोज बंधवा तालाब (Hathkhoj Bandhwa Pond) के पास किसी अज्ञात ने पार्षद सूरज बंछोर की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्री नारायण मीणा घटना स्थल पर पहुंच कर स्थल का मुआयना किया। अति पुलिस अधीक्षक (शहर) संजय ध्रुव, नगर पुलिस अधीक्षक (पुरानी भिलाई) विश्वास चद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक (क्राईम) नसर सिद्धीकी, थाना प्रभारी पुरानी भिलाई विनय सिंह बघेल सहित सभी आला अधिकारी भी घटना स्थल पर रहे।

कुछ साल में सूरज के साथ हुई घटना को खंगाला गया
उसके बाद से पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज ओपी पाल भी घटना स्थल पहुंचे थे, जहां वे सभी एंगल पर चर्चा कर एसपी मीणा को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। टीम गठित कर आगे की कार्रवाई पर काम किया गया। टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी के साथ उनके साथ उठने-बैठने वालों से लेकर कुछ साल पहले पार्षद के साथ हुई किसी भी घटना को खंगाला गया।

सीसीटीवी फूटेज से मिला सुराग
सबसे पहले गठित टीम निरीक्षक विशाल सोन एवं निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा ने घटना स्थल से लेकर आरोपियों के हर संभावित स्थानों के सीसीटीवी फूटेज खंगाले गये। निरीक्षक बृजेश कुशवाहा एवं निरीक्षक दुर्गेश शर्मा की टीम ने घटना स्थल के आसपास के निवासी एवं मृतक के परिजन एवं दोस्तों के साथ घटना स्थल पर मृतक सूरज के साथ देखे गये उनके करीबी दोस्तों का कथन लिया गया। निरीक्षक गौरव तिवारी एवं सायबर टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण किया गया, निरीक्षक विनय सिंह बघेल एवं टीम ने मुखबीरों (informers) को सक्रिय कर छोटी से छोटी सूचना संकलित की गई।

अलग-अलग लोगों से हुआ था विवाद
विवेचना के दौरान मुखबीरों से पता चला कि मृतक सूरज बंछोर के साथ कुछ साल से अलग-अलग लोगों से विवाद होने की जानकारी मिली। उसके बाद महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त होने पर सदेही दिनेश पाल उर्फ दीनू के साथ मृतक का विवाद व मारपीट होना और फिर घटना के बाद से दीनू पाल का गायब हो जाना संदेश हो गहरा दिया।

मुखबीर से मिली जांजगीर-चांपा में छिपे होने की जानकारी
मुखबीरों से पता चला कि संदेहियों के जांजगीर चांपा में छिपे हैं। उसके बाद राजेश पाण्डेय के नेतृत्व में आर संदीप सिंह, सत्येंद्र मंढरिया, रिंकू सोनी, शहवाज के साथ टीम रवाना हुई। जहां शक्ती थाना प्रभारी रूपक शर्मा से संपर्क कर संयुक्त टीम ने तीन सदेहियों को गिरफ्तार किया। वहीं एक संदेही को हथखोज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

अवैध कारोबार में उपजी दुश्मनी
टीम की पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि मृतक सूरज का दीनू पाल से विवाद व डेढ़ साल पहले मनोज चौधरी एवं आशिक विश्वकर्मा ने विवाद के कारण दीनू पाल को मारपीट कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से दीनू पाल से मनोज एवं आशिक को सबक सिखाना था। सूरज, मनोज व आशिक को सपोर्ट करता था। दीनू पाल कुछ माह पूर्व अवैध कट्टा रखने के आरोप में पकड़ाया था। आरोपी के अनुसार कट्टा सूरज का ही था जिसे मृतक ने दीनू पाल को रखने के लिए दिया था। जिसकी वजह से दोनोंको जेल जाना पड़ा था।

ऐसे रची हत्या की साजिश
मृतक सूरज द्वारा इस प्रकरण में दीनू पाल की कोई मदद नहीं की। इसके अलावा भी हथखोज में पान-ठेला लगाने पर दीनू पाल को सूरज ने प्रताड़ित किया था। तब से दीनू पाल मृतक सूरज बंछोर की हत्या करने के फिराक में था। इस घटना को अंजाम देने के लिये अपने दोस्त पुरुषोत्तम उर्फ बुड्डा, दीपक उर्फ भूरवा को शामिल किया। हत्या के उद्देश्य से खुर्सीपार निवासी मोहन से संपर्क कर कट्टा उपलब्ध कराने के लिए कहा। उसके बाद हत्या के उद्देश्य से दीन सारंगगढ़ से भिलाई आया। 15 नवंबर को मृतक सूरज बंछोर को तालाव पार के पास अकेला पाकर धारापार हथियार से अपने साथी लोकेश साहू एवं पुरुषोत्तम के साथ मिलकर हत्या कर दी।

आरोपियों से ये चीजें जप्त
मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर 02 नग देशी कट्टा एवं 04 जिन्दा कारतूस और फरार होने के लिए चोरी की हुई मोटरसाइकिल, घटना में प्रयुक्त मैस्ट्रो, धारधार हथियार जप्त कर न्यायालय में पेश किया गया।

ये है आरोपी
पुलिस ने बताया कि खुर्सीपार बालाजी नगर निवासी (41 वर्षीय) आरोपी दीनू उर्फ दिनेश पाल पूर्व में शराब तस्करी, आर्म्स एक्ट एवं मारपीट के मामलों में निरुद्ध रहा है। पुरुषोत्तम उर्फ सोना हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। दूसरा आरोपी उत्तम सोना पिता पुरुषोत्तम सोना 35 वर्ष खुर्सीपार के उड़िया बालाजी नगर बस्ती का रहना वाला है। तीसरा आरोपी दीपक उर्फ भूरू साहू पिता स्व. बनमाली साहू 32 वर्षपुरानी बस्ती छावनी सरकारी कुंआ के पास का निवासी है। चौथा आरोपी लोकेश साहू पिता विश्राम साहू (20 वर्ष) गांधी चौक हथखोज, भिलाई 03 का निवासी है।

(TNS)