अंधे कत्ल का खुलासा: 22 दिन बाद गिरफ्त में आए हत्यारे… इसिलए की थी हत्या

Blind murder revealed after 22 days the killers caught
Blind murder revealed after 22 days the killers caught

दुर्ग। मोहन नगर पुलिस ने तीन सप्ताह पूर्व हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का खुलासा करने में पुलिस को काफी माथापच्छी करनी पड़ी। एक तो मृतक की सिनाख्त में देरी हुई और घटना स्थल से किसी प्रकार का सुराग नहीं मिला था। बहरहाल मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों को एसपी बद्रीनारायण मीणा ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए एसपी बद्रीनारायण मीणा ने बताया कि इस मामले का खुलासा इसलिए भी अहम है क्योंकि घटना स्थल के आसपास किसी प्रकार का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को नहीं मिला। 8 नवंबर को देशी शराब दुकान के पास जब शव को बरामद किया गया था तब उसकी हालत बहुत खराब थी। पीएम कराने के बाद मृतक के कपड़ों पर उसके शरीर पर बने टैटू से मृतक की पहचान आकाश साहू निवासी बांबे आवास उरला के रूप में हुई।

इसी कड़ी को पकड़कर पहले उसके दोस्तों की जानकारी जुटाई गई। इस दौरान पुलिस ने उरला निवासी सुजीत मौर्य, सुधीर मौर्य, दीपक विश्वकर्मा, शुभम उर्फ मोनू, व राजकुमार शाह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।पहले तो सभी टालमटोल करते रहे लेकिन बाद में हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि मृतक आकाश साहू द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आग लगा देने की धमकी दी थी जिसकी वजह से विवाद शुरू हुआ। इस विवाद के कारण सभी आरोपी आकाश साहू को शराब पिलाने के बहाने ट्रांसपोर्ट नगर दुर्ग के देसी शराब दुकान के पास ले गए वहां मौका पाकर उसके गले में चाकू से वार कर बुरी तरह मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों द्वारा घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का धारदार चाकू व घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल जब्त कर लिया गया है।

आरोपियों की पतासाजी के लिए पुलिस ने अलग-अलग 6 टीमें गठित की थी। आसपास घटनास्थल का मौका मुआयना कर विस्तृत जांच के बाद टीम ने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। विवेचना के दौरान मृतक के शरीर पर बने टैटू व कपड़ों से उसकी पहचान आकाश साहू के रूप में हुई। मृतक की पहचान के बाद ही पुलिस को मामला सुलझाने में मदद मिली। पूरी कार्यवाही में मोहन नगर थाने के सहायक उप निरीक्षक किरेन्द्र सिंह, आरक्षक मनीष अग्निहोत्री, क्रांति शर्मा, सनत भारती, अमर सिंह, सिविल टीम के प्रधान आरक्षक राजेंद्र वानखेड़े, आरक्षक जावेद खान, प्रदीप ठाकुर, तिलेश्वर राठौर, मोहम्मद फारुख, चित्रसेन, धीरेंद्र यादव आदि की विशेष भूमिका रही।