विधानसभाः सामग्री खरीदी गड़बड़ी मामले में वन विभाग ने डीएफओ को जारी किया शो-कॉज नोटिस

सवालों का जवाब देते हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि राशि 41,64,690 रुपए की है। 12,41,520 रुपए का भुगतान परिक्षेत्रों द्वारा किया गया है। मामले में पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। एक कार्यालय में अधिकतम 10,000 रुपए तक की सामग्री एकल निविदा पद्धति से और अधिकतम 1,00,000 रुपए तक की सामग्री का क्रय कम से कम तीन निविदाएं प्राप्त की जा सकती है।

रायपुर। बलरामपुर वन मंडल में सामग्री क्रय में अनियमितता बरतने का मामला शीत सत्र विधानसभा में गूंजा। विधायक रजनीश सिंह के उठाए मामले में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन को बताया कि बलरामपुर डीएफओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मंगलवार को विधानसभा के सदन में विधायक रजनीश कुमार सिंह ने अनियमितता मामले को उठाया। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या वन मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि बलरामपुर वन मंडल में 2020-21 में कितनी राशि की सामग्री उपकरण कोटेशन के माध्यम से खरीदी की है? इसका भुगतान क्या परिक्षेत्रों द्वारा किया गया। रजनीश ने कहा नाम और राशि सहित जानकारी देवें?.

विधायक ने रखे कई सवाल
विधायक सिंह ने इससे जुड़े कई और सवाल किए। आगे सवाल किया कि छत्तीसगढ़ क्रय नियम में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम कितनी राशि की सामग्री कोटेशन के माध्यम से एक वन मंडल में क्रय की जा सकती है? कोटेशन के माध्यम से खरीदी करने का अधिकार किस स्तर के अधिकारी को है, एक वित्तीय वर्ष में कितनी राशि खर्च करने का अधिकार है?

वन मंत्री ने दिए सिलसिलेवार जवाब
इन सवालों का जवाब देते हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि राशि 41,64,690 रुपए की है। 12,41,520 रुपए का भुगतान परिक्षेत्रों द्वारा किया गया है। मामले में पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। एक कार्यालय में अधिकतम 10,000 रुपए तक की सामग्री एकल निविदा पद्धति से और अधिकतम 1,00,000 रुपए तक की सामग्री का क्रय कम से कम तीन निविदाएं प्राप्त की जा सकती है।

अधिकारी से जवाब-तलब किया गया है
सदन में मंत्री ने कहा कि सामान्यत कार्यालय प्रमुख को या उसके द्वारा नियुक्त क्रय अधिकारी को एक वित्तीय वर्ष में आबंटित बजट के अन्तर्गत प्राप्त राशि को व्यय करने का अधिकार होता है। आगे बताया कि मामले में अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र दिया गया है।

सरकारी ज़मीन पर निजी आवास बनाने का भी आरोप
मामले में डीएफओ लक्ष्मण सिंह पर सामग्री क्रय में अनियमितता बरतने का आरोप लगा है। मंडल डीएफओ के खिलाफ एक साल में कई बार शिकायतें हुईं हैं। ये पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन पर सरकारी ज़मीन पर निजी आवास बनाने का भी आरोप है।

(TNS)