DURG NEWS. छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत ने त्वरित और सुलभ न्याय का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्यभर में आयोजित इस लोक अदालत में 71,94,079 से अधिक मामलों का निराकरण करते हुए 3732 करोड़ रुपये से अधिक का अवार्ड पारित किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय दुर्ग में किया। इस अवसर पर पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी भी मौजूद रहे।

अदालतों में पहुंचकर किया निरीक्षण
मुख्य न्यायाधीश ने दुर्ग और रायपुर जिला न्यायालयों में लोक अदालत की कार्यवाही का निरीक्षण किया तथा न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंकिंग संस्थानों और विद्युत विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों को कम करने और विवादों के प्रभावी समाधान के लिए सभी पक्षों का समन्वय जरूरी है। उन्होंने लोक अदालत में भाग लेने वाले सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सौहार्दपूर्ण समझौते के जरिए त्वरित और सार्थक न्याय सुनिश्चित करना लोक अदालत की सबसे बड़ी ताकत है।

पंडवानी शैली में तैयार थीम सॉन्ग का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने लोक अदालत और मध्यस्थता जागरूकता के लिए तैयार विशेष थीम सॉन्ग का भी विमोचन किया। यह गीत पंडवानी शैली में तैयार किया गया है, जिससे वैकल्पिक विवाद समाधान का संदेश स्थानीय संस्कृति के माध्यम से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हाईकोर्ट खंडपीठों से चर्चा
मुख्य न्यायाधीश ने रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाईकोर्ट में गठित लोक अदालत की दोनों खंडपीठों के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद से चर्चा की तथा मामलों के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से भी वर्चुअल संवाद कर लोक अदालत की कार्यवाही और त्वरित न्याय के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।

परिवार बचाने की मिसाल
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर में एक पारिवारिक विवाद का भी सकारात्मक समाधान हुआ। वैवाहिक मतभेद के चलते तलाक की अपील पर चल रहे मामले में पति-पत्नी ने अपने मतभेद भुलाकर बच्चों के साथ दोबारा साथ रहने का फैसला किया। समझौते के अनुसार पति परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाएगा।

न्याय तक आसान पहुंच का प्रयास
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से जनता को शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना न्यायपालिका की प्राथमिकता है। उनके नेतृत्व में राज्यभर में लोक अदालतों के प्रभावी संचालन के लिए लगातार समीक्षा बैठकें और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों के प्रयासों की सराहना की, जिनके सहयोग से यह राष्ट्रीय लोक अदालत ऐतिहासिक सफलता हासिल कर सकी।



































