MUNGELI NEWS. मुंगेली जिले में वाहन चोरी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने टेक्नोलॉजी और साइबर इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के सशक्त एप और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने एक ट्रैक्टर समेत सात मोटरसाइकिल बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक पर भी कार्रवाई की गई है। जब्त संपत्ति की कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है।

मामले की शुरुआत लोरमी थाना क्षेत्र से हुई, जहां 12 जनवरी को ट्रैक्टर चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में जिलेभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सशक्त एप के जरिए चोरी के वाहनों का डेटा जुटाया गया और साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।
मुखबिर सूचना से मिला सुराग
जांच के दौरान साइबर सेल को सूचना मिली कि ग्राम हरदीडीह का एक युवक पुराना ट्रैक्टर बेचने की फिराक में है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपियों ने पहले मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया और बाद में ट्रैक्टर चोरी कर ज्यादा मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी।

अलग-अलग जगह छिपाए गए थे वाहन
पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से एक ट्रैक्टर, सात मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त एक अन्य बाइक बरामद की। चोरी की घटनाएं लोरमी, सिटी कोतवाली और फास्टरपुर थाना क्षेत्रों से जुड़ी पाई गईं।
पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने आम नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अपने घरों व प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

इस कार्रवाई में साइबर सेल और थाना लोरमी, कोतवाली व फास्टरपुर की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी टेक्नोलॉजी आधारित जांच को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अपराधियों पर तेजी से शिकंजा कसा जा सके।




































