BILASPUR NEWS. नेशनल हाइवे पर बढ़ते सड़क हादसों और अवैध निर्माणों को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का सख्त रवैया अब रंग लाने लगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की नाराजगी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कोर्ट की सख्ती का ही असर है कि बिलासपुर-रायपुर रोड स्थित मुंगेली जिले के सरगांव के पास बने अवैध ढाबे को जमींदोज कर दिया गया है, वहीं ‘ब्लैक स्पॉट’ पर चल रही शराब दुकान को हटाने के लिए प्रशासन ने कोर्ट से 30 दिनों की मोहलत मांगी है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई थी कि पुराने आदेशों के बावजूद सरगांव के पास सरकारी जमीन पर बना अवैध ढाबा नहीं हटाया गया था। कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट ने जब इस सच को उजागर किया, तो कोर्ट ने मुख्य सचिव से जवाब तलब किया। इसके बाद मुख्य सचिव ने शपथपत्र देकर बताया कि 17 दिसंबर को ही अवैध ढाबे को हटा दिया गया है और पंचनामा भी तैयार है। ढाबा संचालक ने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
मौत के मुहाने पर शराब दुकान, शिफ्टिंग के लिए मिले 30 दिन
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को बताया गया कि हाइवे किनारे स्थित शराब दुकान अभी भी संचालित है। यह जगह दुर्घटना संभावित यानी ‘ब्लैक स्पॉट’ मानी गई है। प्रशासन ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि 30 दिनों के भीतर इसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि जनजीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और दुकान का स्थानांतरण प्राथमिकता के आधार पर होगा।

सुरक्षा पर जोर: कोहरे से निपटने 7 दिन में करने होंगे ये उपाय
ठंड के मौसम में फॉग और स्मॉग के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए हाई कोर्ट ने कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट कमिश्नर की सिफारिशों को 7 दिन के भीतर लागू करने का आदेश दिया गया है। इसमें प्रमुख इंजीनियरिंग सुधार शामिल हैं:
- एंटी-फॉग डेलिनेटर्स और कैट्स आई: कोहरे में रास्ता दिखाने के लिए।
- रिफ्लेक्टिव रोड स्टड: हर 5 मीटर की दूरी पर।
- सोलर ब्लिंकर: मीडियन कट और तीखे मोड़ों पर।
- फॉग डिटेक्शन सेंसर: धुंध का पता लगाने और चेतावनी देने के लिए।
- रिफ्लेक्टिव टेप: पुल, बिजली पोल और बैरियर पर।

अगली सुनवाई 21 जनवरी को
हाई कोर्ट ने सीपत-बालोदा-कोरबा और रायपुर-बिलासपुर (NH-130) की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और NHAI को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई (21 जनवरी) से पहले ताजा शपथपत्र दाखिल करें और बताएं कि सुरक्षा को लेकर कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। हाई कोर्ट ने साफ लफ्जों में कहा है सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





































