MUNGELI NEWS. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव दिसंबर 2025 में अपने साथियों के साथ सुरही रेंज घूमने गए थे। इस दौरान उन्होंने एयर गन से फायरिंग करते हुए एक रील बनाई जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका वाहन जब्त कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया, जहाँ वे लगभग 18 दिन तक बंद रहे।

वाहन छोड़ने के बदले मांगी 70 हजार की रिश्वत
जेल से छूटने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपना जब्त वाहन छुड़ाने और केस में जल्द चालान पेश करने के लिए डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव से संपर्क किया, तो उन्होंने चालान प्रक्रिया में 4-5 लाख रुपये खर्च होने का डर दिखाया। वाहन छोड़ने के बदले 70,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई।

रेस्टोरेंट में बिछाया जाल
शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना बिलासपुर ACB को दी। शिकायत के सत्यापन के बाद, 26 मार्च को एसीबी ने ट्रैप बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये लेकर ‘मित्र मिलन रेस्टोरेंट’ भेजा गया। जैसे ही डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने पैसे लिए, टीम ने उन्हें दबोच लिया। मौके पर रेंजर पल्लव नायक भी मौजूद थे।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी ने आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है:
मनीष श्रीवास्तव (डिप्टी रेंजर): धारा 7 के तहत कार्रवाई।
पल्लव नायक (रेंजर): धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई।
एसीबी के इस कड़े कदम से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।



































