NEW DELHI NEWS. दुनिया की लगभग 71% सतह पानी से ढकी है और इसे भौगोलिक रूप से पांच महासागरों में बांटा गया है— प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, आर्कटिक और दक्षिणी महासागर। वैज्ञानिक और मानचित्रकार लंबे समय से इन पांचों का उपयोग करते रहे हैं, जबकि 2021 में नेशनल ज्योग्राफिक सोसायटी ने अंटार्कटिका के चारों ओर फैले जल क्षेत्र को दक्षिणी महासागर के रूप में औपचारिक मान्यता दी। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी महासागर किसी एक देश के कब्जे में नहीं होता।

संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार हर देश अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील तक क्षेत्रीय जल और लगभग 200 समुद्री मील तक आर्थिक क्षेत्र (EEZ) पर अधिकार रखता है, जबकि उससे आगे का समुद्र अंतरराष्ट्रीय जल माना जाता है। इसलिए महासागरों पर कब्जा नहीं बल्कि सैन्य-नौसैनिक शक्ति और व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण ही वास्तविक वर्चस्व तय करता है।

दुनिया के पांच महासागर और उन पर किसका प्रभाव
प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) – अमेरिका बनाम चीन का रणनीतिक क्षेत्र
यह दुनिया का सबसे बड़ा महासागर है और एशिया-अमेरिका के बीच व्यापार तथा सैन्य गतिविधियों का केंद्र है। विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका लंबे समय से प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख नौसैनिक शक्ति रहा है, लेकिन चीन तेजी से अपने विमानवाहक पोत और नौसेना बढ़ाकर इस प्रभुत्व को चुनौती दे रहा है।
मुख्य प्रभावी देश
- अमेरिका
- चीन
- जापान
- ऑस्ट्रेलिया

अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) – अमेरिका और NATO का दबदबा
यह यूरोप-अमेरिका के बीच मुख्य समुद्री मार्ग है। अटलांटिक क्षेत्र में NATO देशों की सामूहिक नौसैनिक शक्ति समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर बड़ा प्रभाव रखती है।
प्रभावी शक्तियां
- अमेरिका
- ब्रिटेन
- फ्रांस
- NATO सहयोगी देश

हिंद महासागर (Indian Ocean) – ऊर्जा व्यापार का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र
यह महासागर मध्य-पूर्व के तेल को एशिया और यूरोप तक पहुंचाने का प्रमुख मार्ग है। मलक्का जलडमरूमध्य जैसे मार्ग इस महासागर को अत्यधिक रणनीतिक बनाते हैं, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार गुजरता है।
प्रभावी देश
- भारत
- अमेरिका
- चीन
- ऑस्ट्रेलिया

आर्कटिक महासागर (Arctic Ocean) – रूस और पश्चिमी देशों की प्रतिस्पर्धा
आर्कटिक में बर्फ पिघलने के कारण नए व्यापार मार्ग और ऊर्जा संसाधनों की संभावना बढ़ी है। चीन भी खुद को near-Arctic state बताकर इस क्षेत्र में आर्थिक और समुद्री पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
प्रभावी देश
- रूस
- अमेरिका
- कनाडा
- नॉर्वे
दक्षिणी महासागर (Southern Ocean) – अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक क्षेत्र
यह महासागर अंटार्कटिका के चारों ओर फैला है और यहां सैन्य गतिविधियों पर कड़े अंतरराष्ट्रीय नियम लागू हैं। अंटार्कटिक संधि के तहत इस क्षेत्र को सैन्य कब्जे से मुक्त रखा गया है।
मुख्य गतिविधि
वैज्ञानिक अनुसंधान
पर्यावरण संरक्षण
अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष में महासागरों की भूमिका
पश्चिम एशिया में तनाव का महासागरों से सीधा संबंध है क्योंकि ऊर्जा और सैन्य आपूर्ति समुद्री मार्गों से होती है।
फारस की खाड़ी और हिंद महासागर
ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों के बीच टकराव का मुख्य क्षेत्र यही समुद्री क्षेत्र है। यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात होता है। अमेरिकी नौसेना की मजबूत मौजूदगी है।
वैश्विक व्यापार मार्गों पर असर
यदि संघर्ष बढ़ता है तो तेल टैंकरों की सुरक्षा, समुद्री बीमा, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर पड़ सकता है।


































