BILASPUR NEWS. मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट की ओर निकले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के कारण प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। घंटों जाम में फंसे रहने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के चलते शहर की रफ्तार थम सी गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को हुई। कई स्थानों पर वाहन चालकों को मजबूरन वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े। जाम की चपेट में कई एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंस गईं, जिससे हड़कंप की स्थिति रही। कई वाहन चालकों ने वाहनों को जाम में छोड़कर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाना उचित समझा।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन में करीब दो हजार लोग शामिल थे। अपर कलेक्टर शिव बनर्जी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था।

पुलिस के सामने ट्रैफिक नियंत्रण की कड़ी चुनौती
दोपहर के समय नेहरू चौक और स्टेट बैंक मार्ग पर अचानक भीड़ बढ़ने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कलेक्ट्रेट मार्ग पर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के प्रयास से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने और साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। व्यापारियों ने बताया कि प्रदर्शन के कारण दोपहर तक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिससे दैनिक कारोबार पर भी असर पड़ा।

आंदोलन बनाम जनसुविधा पर बहस तेज
प्रदर्शन के बाद शहर में जनहित के मुद्दों पर बार-बार होने वाले आंदोलनों और उससे आम नागरिक को होने वाली असुविधा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा जैसे मुद्दे सीधे ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों से जुड़े हैं, और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना उनकी मजबूरी है।




































