RAIPUR NEWS. अभनपुर भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध अन्वेषण विभाग (EOW) ने मामले में गिरफ्तार और फरार आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में EOW ने तीन पटवारियों के खिलाफ पहला सप्लीमेंट्री चालान दाखिल किया है। इन पटवारियों पर शासन को करीब 40 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट में जिन तीन आरोपियों के नाम शामिल हैं, उनमें जितेंद्र कुमार साहू, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे शामिल हैं। तीनों को EOW ने पहले ही 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था।

एजेंसी के अनुसार, इन आरोपियों की भूमिका के चलते शासन को लगभग ₹39,65,89,257 (करीब 40 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने निजी भूमि को टुकड़ों और उपविभागों में बांटकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा प्राप्त किया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। EOW ने यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट 24 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (CrPC) में प्रस्तुत की। यह कार्रवाई ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7C और 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 और 120-बी के अंतर्गत अपराध दर्ज है।

चार्जशीट के अनुसार, भारतमाला परियोजना रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित आर्थिक कॉरिडोर के भूमि अधिग्रहण के दौरान लोक सेवकों, मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों और अन्य आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत गंभीर अनियमितताएं कीं। आरोप है कि शासन द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः शासन को बेचकर मुआवजा दिया गया, निजी भूमि का गलत तरीके से मुआवजा निर्धारित किया गया, बैकडेट में बंटवारा एवं नामांतरण किया गया और वास्तविक भूमि स्वामी के बजाय अन्य व्यक्तियों को मुआवजा भुगतान किया गया।

EOW के अनुसार, जितेंद्र कुमार साहू (तत्कालीन पटवारी, हल्का नंबर 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, ग्राम टोकरो, हल्का नंबर 24) और बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भू-माफियाओं और निजी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत कर भारतमाला परियोजना से प्रभावित भूमि के खातों का पिछली तारीख से बंटवारा और नामांतरण कराने के फर्जी दस्तावेज तैयार किए।




































