BILASPUR NEWS. संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पताल सिम्स की अव्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में प्रबंधन ने विस्तृत शपथपत्र के साथ सुधारों की जानकारी दी। कोर्ट ने अब तक किए गए प्रयासों को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा—स्थायी सुधार सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है।

मंगलवार को हुई सुनवाई में सिम्स के डीन ने बताया कि बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का विस्तार किया गया है और नए काउंटर शुरू किए गए हैं। इससे लाइन और दवाओं की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं में कमी आई है।साथ ही NABL की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें तकनीशियनों को सैंपल कलेक्शन, रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स और लैब क्वालिटी सुधार की ट्रेनिंग दी गई।नवजात शिशु सप्ताह के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, नवजात देखभाल, संक्रमण रोकथाम और स्तनपान पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वर्ल्ड एड्स डे पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया।

अब साफ-सफाई और सुरक्षा पर रीयल-टाइम निगरानी
अस्पताल की साफ-सफाई और सुरक्षा को बेहतर करने के लिए सिम्स में एक विशेष व्हॉट्सऐप मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया गया है। इसका निरीक्षण सीधे डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, रात और छुट्टियों में भी सीनियर डॉक्टर राउंड ले रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं में लगातार सुधार दिख रहा है।
एयर स्टेरलाइज मशीनें लगने की प्रक्रिया शुरू
ठंड बढ़ने के साथ अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को 1600 कंबल वितरित किए हैं। इसके साथ ही 96 एयर स्टेरलाइजर और HEPA फिल्टर मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मंजूरी मिलने के बाद इन मशीनों की स्थापना का टेंडर आगे बढ़ाया जा रहा है। मशीनें लग जाने के बाद वार्डों में संक्रमण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

CGMSC ने बताया—नई मशीनों की खरीद के टेंडर में 5 बिडर आए
CGMSC के MD ने कोर्ट को बताया कि मेडिकल उपकरणों की खरीदी के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसमें 5 बिडर शामिल हुए हैं मशीनों को 5 कैटेगरी में बांटा गया है। हर कैटेगरी में कम से कम 3 बिडर होने पर ही टेंडर फाइनल होगा यदि बिडर संख्या कम हुई तो री-टेंडर किया जाएगा। तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया 4–5 दिनों में पूरी होगी। लक्ष्य है कि इस महीने के भीतर मशीनों की खरीदी का अगला चरण शुरू कर दिया जाए।

हाईकोर्ट ने कहा—सुधार अच्छे, लेकिन स्थायी बनाने होंगे
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा अस्पताल में सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं, लेकिन स्थायी सुधार सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग जारी रहनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।




































