BILASPUR NEWS. रुपये-पैसे की जरूरत किसे नहीं है। आज के समय में लोन लेना आम बात हो गई है। ऐसे में लोगों को पेन कार्ड व आधार कार्ड के माध्यम से लोन मिले तो कौन नहीं लेना चाहता है। ऐसे ही जरूरतमंदों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से ही एसी, फ्रीज, मोबाइल सहित कई इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदकर लाखों की ठगी की है। ठगी के शिकार लोगों ने थाने में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें, मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जहां पर देवरीखुद में रहने वाली ललिता यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उसे व्यापार के लिए लोन की जरूरत थी तब पॉम्पलेट मिला था जिसमें वी राइज फाइनेंस कंपनी के बारे में लिखा था। उसे पढ़कर ही वहां गई थी। उससे आधार कार्ड व पेन कार्ड ले लिया। लोन दिलाने के नाम पर 22 हजार 500 रुपये लिए और लोन नहीं दिलाया। तब उसने पुलिस में शिकायत की।

पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया तब पता चला कि तेलीपारा के बजरंग कॉम्प्लेक्स में फरहत सिंह नाम की महिला वी राइज फाइनेंस कंपनी के नाम से ऑफिस खोलकर रखी है। वह आधार कार्ड व पेन कार्ड लेकर आने पर लोन दिलाने का दावा करती है। इस महिला ने जरूरतमंद व बीमार महिलाओं को अपनी बातों में फंसाते हुए लोन दिलाने का वादा किया और उसे धीरे-धीरे चुकाने कहा। लोन दिलाने के लिए वह कमीशन भी लेती है। इसकी जानकारी होने पर कुछ जरूरतमंद वहां पहुंचे। इनमें से ज्यादातर लोग बीमार व जरूरतमंद थे।

उन्हें लोन दिलाने की बात कहते हुए पहले तो उनका विश्वास जीता फिर लोन दिलाने के नाम पर झांसा दिया। आरोपी महिला ने उनके पेन कार्ड व आधार कार्ड के माध्यम से अपने लिए एसी, फ्रीज, मोबाइल, वॉशिंग मशीन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे।

लोगों को इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके नाम पर लिए सामान का किश्त लेने के लिए फाइनेंस कंपनी से कॉल आया और किश्त जमा करने कहा। इसके बाद महिला की शिकायत थाने में की। इस पर पुलिस ने जांच करते हुए तुंरत महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

कई लोगों को दिया है धोखा
आरोपी महिला पहले तो लोगों को उनके जरूरत के लिए लोन दिलाने की बात कहती फिर उनसे आधार कार्ड व पेन कार्ड ले लेती थी। पीडित युवक अनिल ने बताया कि उसका इलाज चल रहा है और उसे पैसों की जरूरत थी तब उसे फरहत सिंह मिली।

उसने उसे आसानी से लोन दिलाने दावा किया और पेन व आधार कार्ड ले लिए। इसके बाद जब कुछ दिन बीत गए तब फरहत से लोन के बारे में पूछा तो वह गोलमोल जवाब देने लगी। बाद में उसने अनिल के नाम से मोबाइल फाइनेंस करायी थी। जिसका किश्त लेने लोग घर पहुंचे थे।




































