HEALTH NEWS. आपने MRI के बारे में सुना होगा, वही जिसके द्वारा मरीजों में बीमारियों का पता लगाया जाता है। MRI रिपोर्ट देखकर ही डॉक्टर बीमारी को पकड़ते हैं और उसके बाद इलाज शुरू होता है। भिलाई में MRI की एक ऐसी मशीन आई है जिसकी कीमत 12 करोड़ के आसपास है और यह अब तक की सबसे एडवांस MRI मशीन है।

ये भी पढ़ें: कोरबा में बड़ी घटना…2 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी की हत्या कर दी, धरपकड़ के लिए पुलिस की नाकेबंदी
भिलाई के GT डायग्नोस्टिक में MRI की एक ऐसी मशीन आई है, जो स्वास्थ्य से जुड़े लोगों और मरीजों के बीच चर्चा का विषय है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों में इसकी चर्चा इसलिए है, क्योंकि यह अब तक की सबसे एडवांस मशीन है। जबकि मरीजों में चर्चा इसलिए है क्योंकि इसकी फीस अपेक्षाकृत ज्यादा है।
अब हम बात करते हैं कि मशीन के बारे में। MRI यानी मैग्नेटिक रिजोनेंस इमेज की अब तक जो एडवांस मशीन थी, वो थी 1.5T (T यानी टेस्ला, चुम्बकत्व की शक्ति को नापने की इकाई टेस्ला ही है) और GT डायग्नोस्टिक में जो मशीन आई है, उसकी क्षमता है 3T, यानी दो गुना चुम्बकत्व शक्ति वाली मशीन।

ये भी पढ़ें: अब एक क्लिक में जान सकेंगे राशन कार्ड का स्टेट्स, ऑनलाइन-ऑफलाइन होगा आवेदन…जानें पूरा प्रोसेस
GT डायग्नॉस्टिक के डायरेक्टर डॉ. सत्येन ज्ञानी बताते हैं कि एडवांस मशीन का फायदा ये है कि यह मशीन छोटे-छोटे मानव अंगों की विस्तृत और साफ-साफ इमेज ले सकती है। इससे इलाज करने वाले डॉक्टर को बीमारी का सटीक पता चल जाता है। जबकि 1.5T क्षमता की MRI मशीन में छोटे अंगों की इमेजिंग की क्षमता नहीं होती। दूसरे बड़े अंगों की इमेजिंग भी पुरानी मशीन की तुलना में ज्यादा साफ और सटीक होती है। यह यह सामान्य बात है कि परीक्षण रिपोर्ट जितनी ज्यादा साफ और विस्तृत होगी बीमारी को पकड़ने में उतनी ही आसानी होगी। रोगी को स्वस्थ्य बनाने में सही और सटीक इलाज बेहद जरूरी है। 3T MRI मशीन इसी काम को आसान बनाती है।

पत्रकारों की सुरक्षा को सीएम साय का बड़ा बयान, बोले-जल्द लाया जाएगा पत्रकार सुरक्षा कानून
डॉ. सत्येन ज्ञानी कहते हैं कि कई बार कम क्षमता की MRI मशीन से परीक्षण कराने पर बीमारी का पता नहीं चल पाता और मजबूरी में दोबारा MRI करानी पड़ती है। ऐसे में मरीजों पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके अलावा समय भी बर्बाद होता है। इलाज में बीमारी की सटीक पहचान के साथ-साथ समय भी काफी मायने रखता है। एडवांस मशीन इन दो बेहद जरूरी बातों को पूरा करती है। 3T MRI मशीन बार-बार MRI कराने के झंझट को भी दूर करती है।
क्लॉस्ट्रोफ़ोबिया वालों के लिए वरदान
इसके साथ ही नई मशीन की कुछ और खास बातें हैं जो इसे काफी बेहतर बनाती हैं। उनमें से एक है क्लॉस्ट्रोफोबिया के मरीजों के लिए यह मशीन किसी वरदान से कम नहीं है। क्लॉस्ट्रोफोबिया से पीड़ित व्यक्ति MRI कराने से घबराता है। इस मशीन की बनावट पुरानी से ज्यादा बेहतर है। ज्यादा बड़े साइज के कारण मरीज खुद को बंधा हुआ महसूस नहीं करता। इसके अलावा सामान्य मशीन जहां MRI करने में एक घंटे का समय लेती है, वहीं 3T MRI मशीन में यह काम 15 मिनट के आसपास खत्म हो जाता है।

बच्चों के लिए और भी बेहतर
MRI के लिए जरूरी है कि मरीज मशीन में स्थिर रहे। लेकिन अगर मामला बच्चों का हो तो वे ज्यादा देर तक स्थिर नहीं रह पाते। नतीजतन MRI कराने के बाद रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आ पाती। 3T मशीन की तेजी इस समस्या को दूर करती है। क्योंकि यह तेजी से काम करती है और जल्दी ही इमेज ले लेती है।





































