BILASPUR. लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं इससे प्रेरित होकर अर्थराइटिस से पीड़ित 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने डाकमत पत्र से मतदान के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में याचिका दायर कर मतदान केन्द्र न पहुंच पाने से संबंधित जानकारी दी। साथ ही अपने बीमारी के विषय में भी जानकारी दी। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए महिला की जागरूकता को देखते हुए डाकमत पत्र से मतदान के लिए मंजूरी देते हुए कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए है।

बता दें, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मतपत्र से मतदान के अधिकार के लिए 78 वर्षीय अर्थराइटिस से पीड़ित महिला ने याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता भारत का नागरिक है। उसका नाम मतदाता सूची में मौजूद है उसे अपना वोट डालने का अधिकार है। वह चलने में असमर्थ है और इस संबंध में एक चिकित्सक द्वारा उसके पक्ष में एक चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

इसके आधार पर याचिकाकर्ता को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नियम 1961 के फार्म 12 या फार्म 12 डी के अनुसार आवेदन करने की अनुमति दी जाती है।

ऐसे प्राधिकारी को याचिकाकर्ता के दावे पर कानून अनुसार विचार करने के निर्देश दिए जाते है और यदि यह पाया जाता है कि वह डाक मतपत्र के माध्यम से अपना वोट डालने की हकदार है तो उसके पक्ष में डाक मतपत्र जारी किया जाए। कोर्ट ने उनकी इस जागरूकता के लिए सरहाना भी की है।

कोर्ट के समक्ष बताई अपनी बीमारी
उन्होंने अपनी याचिका में बताया कि उनके दोनों घुटनों में गंभीर आस्टियो अर्थराइटिस से पीड़ित है। चलने-फिरने, खड़े होने में असमर्थ हैं और पिछले तीन महीनों से ओपेस्टीटाइलेगड्रिड है।

इस संबंध में एक मेडिकल प्रैक्टिशनर डॉक्टर कपिल मिश्रा ने 21 अप्रैल 2024 को एक सर्टिफिकेट जारी किया है।

याचिका के अनुसार 15 अप्रैल 2024 को रिटर्निंग अफसर बिलासपुर के समक्ष चुनाव संचालन नियम 1961 के फार्म 12 डी के अनुसार आवेदन पेश किया है। आवेदन प्राधिकरण के समक्ष विचाराधीन है।




































