कारण वही निकलाः जुआ-सट्टा का कारोबार, वर्चस्व की लड़ाई में गई पार्षद सूरज की जान, सीसीटीवी कैमरे ने दिखाया मार्ग

पुलिस की यहां से गई टीम ने आरोपियों को जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले के चंद्रपुर से पकड़ लिया है। पुलिस के आला अधिकारी सोमवार को मामले का खुलासा कर सकते हैं। बता दें कि 15 नवंबर को भिलाई-3 थाना क्षेत्र के हथखोज में पार्षद बंछोर की हत्या के मामले में चार संदेहियों पर पक्का जानकारी मिली थी।

भिलाई (bhilai)। भिलाई-तीन, चरोदा (charoda) नगर निगम के हथखोज वार्ड से कांग्रेस पार्षद (councilor) सूरज बंछोर की हत्या (murder) का कारण वही निकला जिसका अंदाजा लगाया जा रहा था। इस जघन्य हत्या में शामिल चार आरोपियों (accused) तक पुलिस (police) पहुंच गई है। आपसी रंजिश (mutual enmity), जुआ-सट्टा (gambling) के कारोबार में वर्चस्व के लिए वारदात को अंजाम देना इसका कारण बना है। एक आरोपी उसी गांव का है जहां हत्या हुई है।

पुलिस की यहां से गई टीम ने आरोपियों को जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa) और रायगढ़ जिले (Raigarh District) के चंद्रपुर (Chandrapur) से पकड़ लिया है। पुलिस के आला अधिकारी सोमवार को मामले का खुलासा कर सकते हैं। बता दें कि 15 नवंबर को भिलाई-3 थाना क्षेत्र के हथखोज में पार्षद बंछोर की हत्या के मामले में चार संदेहियों पर पक्का जानकारी मिली थी। पुलिस टीम उसी आधार पर काम कर रही थी। इस दौरान सीसीटीवी से अहम जानकारी मिली थी।

बदमाशों की संदिग्ध गतिविधियों से पुलिस के कान खड़े हो गए
वारदात के दूसरे दिन से गांव सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। कैमरे के फुटेज ने खुर्सीपार निवासी तीन बदमाशों की संदिग्ध गतिविधि से पुलिस के कान खड़े हो गए, जो हत्या के इस मामले में एक उम्मीद नजर आई। इन तीनों संदिग्ध बदमाशों को दबोचने की कोशिश शुरू करने पर पता चला कि वे घटना के अगले दिन से फरार हैं।

संदेह यकीन में बदल गया

पुलिस ने बताया उसके बाद से टीम का संदेह यकीन में बदल गया। उसके बाद से वे कब कहां रहे इसकी जानकारी जुटाई गई और फिर सीएसपी भिलाई-3 विश्वास चंद्राकर के नेतृत्व में पुलिस की टीमों को बाहर भेजी गई। सफलता नहीं मिलने पर नए सिरे से उप पुलिस अधीक्षक क्राइम नसरुल्लाह सिद्धिकी के मार्गदर्शन में पूछताछ के माध्यम से आरोपियों के छिपे होने की संभावना में राज्य के अनेक जिलों में खोजबीन तेज कर दी गई। अंत में सभी आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

ये हैं आरोपी
पुलिस की टीम से मिली जानकारी अनुसार सभी आरोपियों की आयु 27 से 30 साल के बीच है। आरोपियों में पुरुषोत्तम उर्फ बूढ़ा और दीनू पाल दोनों खुर्सीपार के निवासी बताए जा रहे हैं, वहीं तीसरा आरोपी दीपक फर्फ भूरा जुमाल के नजदीक सुरडुंग गांव और चौथा आरोपी लोकेश है जो हथखोज का ही रहने वाला है।

यहां तक दौड़ लगाई टीमें
पुलिस टीम के अनुसार यहां से गई टीम ने पुरुषोत्तम उर्फ बूढ़ा और दीनू पाल को रायगढ़ जिले के चंद्रपुर से पकड़ा गया है। वहीं आरोपी दीपक उर्फ भूरा को जांजगीर में उसकी रखैल के घर से हिरासत में लिया गया। इन्हें भिलाई में लाकर सायबर में रखकर पूछताछ की जा ररही है।

जुआ और सट्टे के कारोबारियों पर जांच थी केंद्रित
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्रीनारायाण मीणा सहित पुलिस के अन्य अधिकारियों ने आरोपियों से अलग-अलग एंगल से अभी भी पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या के वारदात को जुआ और सट्टा के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के लिए अंजाम देने की बात स्वीकारी है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार को जब्त कर लिया है। पुलिस मामले का खुलासा सोमवार को कर सकती है।

छह दिनों के अंदर पकड़े गए आरोपी
बता दें कि 15 नवंबर की रात 9 बजे के आसपास पार्षद सूरज हथखोज के बंधुवा तालाब स्कूल के पास खून से लथपथ घायल हालत में मिला था। स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें भिलाई के बीएम शाह हास्पिटल लेकर गए थे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

(TNS)