नीति और कार्यप्रणाली जानने फैक्ट्री पहुंचे मैनेजमेंट एवं कॉमर्स के छात्र

इस दौरान विद्यार्थियों को उद्योगों के लिए बनाए गए नियम और चुनौतियों के बारे में बताया गया

इंडस्ट्रियल भ्रमण के दौरान मैनेजमेंट एवं कॉमर्स के छात्र।

भिलाई। छात्रों में बौद्धिक एवं प्रयोगात्मक ज्ञान को बढ़ाने और नई तकनीक एवं प्रबंधन की कार्यप्रणाली को बताने के लिए छात्रों को रायपुर स्थित नेको फैक्ट्री का भ्रमण कराया गया। इस मौके पर छात्रों को उद्योगों के लिए सरकार द्वारा तय नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि कैसे किसी फैक्ट्री में वित्तीय प्रबंधन से लेकर सेफ्टी और मानव संसाधन का प्रबंधन किया जाता है।

श्री शंकराचार्य प्राोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई के मैनेजमेंट एवं कॉमर्स अध्ययन विभाग के छात्रों को नेको, रायपुर का इंड्रस्ट्रियल शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान डॉ. नेहा सोनी विभागाध्यक्ष मैनेजमेंट एवं कॉमर्स, डॉ. प्रतिमा बारिक सहायक प्राध्यापक व दिव्य प्रकाश चंद्राकर, सहायक प्राध्यापक भी साथ रहे। भ्रमण का उद्देश्य छात्रों में बौद्धिक एवं प्रयोगात्मक ज्ञान के साथ-साथ नई तकनीक एवं प्रबंधन के आयामों से अवगत कराना था। नेको के वित्तीय प्रबंधन, सेफ्टी प्रबंधन एवं मानव संसाधन प्रबंधन का अध्ययन छात्रों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर एचआर हेड दिलीप कुमार मोहंती ने छात्रों को मानव संसाधन प्रबंधन की नीतियों एवं सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड -19 के दौरान राष्ट्रव्यापी बंद ने उद्योगों को यह एहसास दिलाया कि उन्हें अपने व्यवसाय के प्रबंधन एवं विकास के तरीके में बदलाव लाना होगा। साथ ही मानव संसाधन प्रबंधन के पुराने माडलों को नए विस्तार के साथ अपनाने की आवश्यकता है।

मानव संसाधन प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ मैनेजर साजी थामस ने छात्रों से कहा कि जैसे-जैसे उद्योग धंधों का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। आज औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कानून सख्त हैं, लेकिन उससे भी जरूरी है वास्तविक सुरक्षा। औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन का मकसद है जोखिम, दुर्घटना और उससे लगने वाली चोटों व नुकसान को कम करना। इसके लिए सुरक्षा प्रबंधन के तमाम सिद्धांतों व तकनीकों पर अमल किया जा रहा है। कर्मचारी की सेहत से लेकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी व मजबूती तक के मकसद को हासिल करने में मदद करते हैं। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट-मानव संसाधन प्रबंधन के गिरिजा शंकर साहू द्वारा भ्रमण कार्यकम का संयोजन किया गया।