टिकट वितरण के बाद बढ़ा विवाद, इन वार्डों में दिख रही बगावत

Controversy escalated after ticket distribution
Controversy escalated after ticket distribution

बाहरी प्रत्याशी थोपने का लगाया जा रहा है आरोप, कांग्रेस और भाजपा दोनों में ही एक जैसा हाल

भिलाई। लंबे मंथन के बाद आखिरकार भिलाई निगम की तस्वीर साफ हो गई। भाजपा ने अब तक 57 वार्डों से अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। वहीं कांग्रेस ने सभी 70 वार्डों में अपने पत्ते खोल दिए। टिकट वितरण के बाद कई वार्डों में दावेदारों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। दोनों प्रमुख दलों द्वारा टिकट वितरण को लेकर जो मापदंड तय किए हैं उसे लेकर कुछ वार्डों में विरोध है। खासकर बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने पर विवाद है।

नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है। काफी हद तक पार्टियों ने अपने अपने पत्ते खोल दिए हैं। इधर दोनों दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा की और दूसरी ओर टिकट न मिलने से कई दावेदारों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में ऐसे नाराज दावेदारों की भीड़ दिखी जो अपना नामांकन निर्दलीय के रूप में भरने पहुंचे।

क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले ऐसे दावेदारों का टिकट कटा है जिन्होंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। परिसीमन के बाद सीमाओं के बदलाव के कारण कुछ पार्षदों को अपने क्षेत्र से निकलकर चुनाव लड़ना पड़ रहा है। वहीं कुछ वार्डों में बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने का दर्द भी देखा जा रहा है। यहां स्थानीय व बहरी के मुद्दे को हवा दी जा रही है। वहीं कुछ वार्डों में ऐसे प्रत्याशियों को उतारा गया है जिन्हें वार्ड की जनता ठीक से जानती भी नहीं है। वार्ड दौरे के दौरान लोगों ने प्रत्याशियों को लेकर अपनी राय दी, जिससे ऐसी बातें सामने आ रही हैं।

सोनिया गांधी नगर वार्ड
पहले बात करें खुर्सीपार क्षेत्र की तो यहां सोनिया गांधी नगर वार्ड 38 में एक दल ने बाहरी प्रत्याशी को खड़ा किया तो दूसरे दल ने भी ऐसा ही किया। यहां स्थानीय स्तर पर टिकट की आस में बैठे दावेदार ने निर्दलीय उतरने का मन बना लिया है।

दुर्गा मंदिर वार्ड
दुर्गा मंदिर वार्ड 46 में भी दोनों दलों ने नए चेहरों को प्रत्याशी बना दिया। स्थानीय लोगों की मानें तो इन दोनों ही प्रत्याशियों का जनाधार शून्य है। केवल पार्टी टिकट के भरोसे जीत नहीं होगी। इस वार्ड से भी से एक सक्रिय दावेदार ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णल ले लिया है।

जोन-3 वार्ड
एक अन्य वार्ड जोन 3 वार्ड 48 में भी यही स्थिति है। यहां पर तीन बार से पार्षद रहे दावेदार का टिकट काटकर दूसरे वार्ड के व्यक्ति को टिकट दे दिया गया है। विरोध को देखते हुए मानमनौव्वल का दौर जारी है, लेकिन यहां भी विरोध साफ तौर पर देखा जा सकता है।

न्यू खुर्शीपार वार्ड
इसी प्रकार न्यू खुर्सीपार वार्ड 47 राधाकृष्ण मंदिर में भी अप्रत्याशित तौर पर एक दल ने ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है जिसे लेकर विवाद है।

विवाद यहाँ भी
टिकट को लेकर विवाद नेहरू नगर, कोहका व सुपेला क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। परिसीमन के बाद कई दिग्गज टिकट की आस में बैठे थे लेकिन प्रत्याशियों की घोषणा के बाद इनके चेहरों में मायूसी देखने को मिली। इन वार्डों में वार्ड 4, वार्ड 6, वार्ड 8, वार्ड 14, वार्ड 16, वार्ड 21, वार्ड 22 आदि प्रमुख हैं। इन वार्डों में दोनों दलों ने जिन्हें प्रत्याशी बनाया है उसे लेकर विवाद है। वार्ड 22 पुरानी बस्ती से पूर्व पार्षद का ही टिकट कट गया है जिसे लेकर नाराजगी है। अभी नामांकन को एक दिन और बचा है। अंतिम दिन नाराज दावेदारों की भीड़ नामांकन स्थल पर और बढ़ सकती है।