AMBIKAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार धान खरीदी की तैयारी में जुटी है, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि उनके द्वारा चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। धान खरीदी के बाद धान कम हो जाने के बाद उनके ऊपर जिम्मेदारी आती है, जबकि धान का उठाव समय पर नहीं किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ वेतन भी उन्हें कम मिलता है।

सहकारी बैंक में संघ ने सीधी भर्ती और आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग की है। हर साल धान खरीदी शुरू होने से पहले इन कर्मचारियों के द्वारा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल किया जाता है, लेकिन उसके बाद भी सरकार के द्वारा उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। यही वजह है कि इस बार सरकारी कर्मचारियों के द्वारा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी समितियों में कामकाज पूरी तरीके से ठप्प हो गया है।

समितियों में कामकाज ठप
हड़ताल के कारण प्रदेशभर की कई सरकारी सहकारी समितियों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इसका असर सीधे तौर पर धान खरीदी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

1.18 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
धान खरीदी के नोडल अधिकारी ने बताया कि खरीफ वर्ष-2024-25 में 1 लाख 28 हजार 344 किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 1 लाख 23 हजार किसानों से करीब 61 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इस साल एग्रीस्टेक में 1 लाख 18 हजार 803 किसानों ने पंजीयन कराया है। जबकि 1 लाख 23 हजार किसानों का पंजीयन कैरिफारवर्ड हुआ है।





































