NEW DELHI NEWS. आज दिल्ली में हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग करते हुए बताया कि सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही मीटिंग में किसानों के लिए भी बड़े फैसले किए गए हैं।

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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने जाति जनगणना का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं की है। कांग्रेस ने जाति जनगणना की जगह जाति सर्वे कराया। यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जाति की जनगणना मूल जनगणना में ही सम्मिलित होना चाहिए, पीएम मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट ने फैसला किया है कि जाति की जनगणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित करके किया जाए।” उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने सिर्फ अपनी लाभ तक के लिए सीमित रखा है।


गन्ना किसानों को भी बड़ी सौगात
इसके अलावा मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को भी बड़ी सौगात दी है। गन्ने का FRP बढ़ाया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 355 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह बेंचमार्क मूल्य है, जिसके नीचे इसे नहीं खरीदा जा सकता है।”

शिलॉन्ग से सिलचर कॉरिडोर को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि शिलॉन्ग से सिलचर कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। सरकार ने मेघालय से असम तक नए हाइवे को मंजूरी दी है, जो 166.8 किलोमीटर लंबा 4 लाइन हाइवे होगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं- सिलचर से शिलांग और शिलांग से सिलचर एक बहुत बड़ी परियोजना हाई स्पीड कॉरिडोर हाईवे जो मेघालय और असम को जोड़ता है उसे मंजूरी मिली है। इसकी अनुमानित लागत 22,864 करोड़ रुपए है।”




































