DHAMTARI NEWS. धमतरी जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, पुलिस ने धान खरीदी मामले में 420 के आरोपी दुर्गेश सोनकर को हिरासत में लेकर थाने पहुंची थी। थाने पहुंचने के बाद पुलिस पूछताछ कर रही थी, तभी युवक बेहोश होकर नीचे गिर गया। इसके बाद उसे पुलिस ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस कस्टडी में मौत के बाद अर्जुनी थाना प्रभारी सन्नी दुबे को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।परिजनों के अनुसार युवक को पुलिस ने लोहे के रॉड से जमकर पिटाई की और थर्ड डिग्री भी दिया, जिससे उसकी मौत हुई है। जबकि पुलिस का कहना है कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के मर्चुरी में रखा है। परिजन धमतरी पहुंचे और जिला अस्पताल में धरना देकर प्रदर्शन किया।

परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच, प्रताड़ित करने वाले अर्जुनी थाना पुलिस के थाना प्रभारी सन्नी दुबे को बर्खास्त करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना और मारपीट से उनकी जान गई।

दरअसल मृतक सोनकर पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप था, उसने 50 से अधिक किसानों से धान खरीदकर उन्हें चेक दिए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए। जब किसानों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने अर्जुनी थाने में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में पता चला कि दुर्गेश ने बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की थी। पुलिस ने 31 मार्च को दुर्गेश को गिरफ्तार किया और कोर्ट से रिमांड हासिल कर उसे हिरासत में रखा।

परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें सूचित नहीं किया, देर रात अचानक उसकी मौत की खबर आई, जिससे परिवार सदमे में आ गया। पुलिस का कहना है कि तबीयत बिगड़ने पर दुर्गेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले मे दुर्गेश के परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर चोटों के निशान थे, जिससे स्पष्ट होता है कि हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई।

इसके साथ ही इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि मौत स्वाभाविक थी और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं बता दें इस मामले में पुलिस के ऊपर कई सवाल उठ रहे हैं, परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने धरने पर लामबंद है और मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




































