RAIPUR NEWS. नवा रायपुर में चल रहे डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन कई मुद्दों पर चर्चा हुई। आज यानी 30 दिसंबर को पाक, बांग्लादेश, चीन से जुड़ी चुनौतियों पर बातचीत होगी। इससे पहले शनिवार रात तक इस कॉन्फ्रेंस में 2047 की पुलिसिंग का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों को आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 21 साल में अपराध, तकनीक और सुरक्षा की नई चुनौतियों को देखते हुए पुलिस प्रणाली में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।

चर्चा के दौरान थानों को टेक्नोलॉजी आधारित और स्मार्ट पुलिसिंग के अनुरूप अपग्रेड करने पर जोर दिया। परंपरागत अपराध को रोकने के लिए पुलिस अपराधियों से एक कदम आगे सोचे। पीएम ने फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में बड़े अवसरों का उल्लेख करते हुए अधिक रिसर्च और व्यावहारिक उपयोग पर बल दिया। साथ ही सीसीटीएनएस और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाने की बात कही। साइबर अपराधियों को रोकने के लिए पुलिस भी तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करे। विदेशी फारेंसिक एक्सपर्ट ने भी प्रेजेंटेशन दिया कि किस तरह तकनीकी का उपयोग कर अपराधियों तक तुंरत पहुंचा जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने जाति आधारित शोषण में एनजीओ की भूमिका, कास्ट फॉल्ट लाइन के दोहन और धारणा प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने जैसे विषयों की चर्चाओं में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कानूनी सहायता, केस फाइलिंग, सामाजिक मध्यस्थता और पंचायत स्तर पर समाधान की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार विदेशी फंडिंग के माध्यम से कुछ एनजीओ नैरेटिव इकोसिस्टम खड़ा कर रहे हैं, फेक न्यूज और प्रॉपेगैंडा को बढ़ावा दे रहे हैं, और जातीय तनाव को बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्यों की छवि को धूमिल करने का प्रयास करते हैं।

इस दौरान विदेश में छिपे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें कई बड़े नामों का उल्लेख किया गया। फिलहाल भारत की 47 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि और 11 देशों के साथ प्रत्यर्पण व्यवस्था (एग्रीमेंट) है। इस प्रक्रिया का नोडल विभाग गृह मंत्रालय है। केंद्रीय एजेंसियों और राज्यों की पुलिस को भगोड़ों की वापसी के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए। चर्चा में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के चार भगोड़े ऐसे हैं जिनके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।

डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस के आखिरी दिन पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन आदि से जुड़ी चुनौतियों पर होगी चर्चा। इसके अलावा स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर भी बात होगी। पुलिसिंग में एआई का उपयोग कैसे किया जाए इस पर फोकस होगा। भीड़ नियंत्रण और संदिग्ध की पहचान के लिए फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (एफटीआर) का उपयोग देश में शुरू हो गया है। उप्र और तेलंगाना में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।




































