BHILAI NEWS. हनुमान जयंती के पावन अवसर पर इस बार भिलाई शहर में सेवा, समर्पण और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जय हनुमान सेवा वाहिनी द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान हनुमान का आशीर्वाद लिया। सेवा वाहिनी के 15वें वर्ष में आयोजित इस कार्यक्रम को विशेष रूप से भव्य रूप दिया गया।

संस्था, जो एक गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन है, लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसके मुख्य संरक्षक और भिलाई नगर के युवा विधायक देवेंद्र यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन निरंतर विस्तार पा रहा है। इस अवसर पर सेक्टर-1 चौक, बीएसएनएल चौक, 25 मिलेनियम चौक, सीसी चौक, ग्लोब चौक, सेक्टर-8 चौक और सेक्टर-9 चौक को भगवा रंग से सजाया गया।

मंदिरों की विशेष सजावट ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। भीषण गर्मी को देखते हुए पंडालों की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार से मंदिर तक मैट बिछाकर श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।

विशाल भंडारे में करीब 30 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। इसमें पोहा, जलेबी, सूखा चना, छोले, कढ़ी-चावल, राजमा-चावल, खिचड़ी-चटनी, मूंग का हलवा, खीर, मठा और शुद्ध पेयजल शामिल रहा। सभी व्यवस्थाएं सेवा वाहिनी के सेवाधारियों ने पूरी निष्ठा के साथ संभालीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और समिति सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इसमें एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, सुमित सिंह पवार, राकेश श्रीवास्तव, अफरोज खान, आशीष शुक्ला, अभय प्रताप सिंह, शरद मिश्रा, दीपांशु वर्मा, अतुल राय, चंदेश अग्रवाल, शुभम झा, अमरेश गिरी, आकाश यादव, शशिकांत साहू, फराज अहमद, आसिफ खान, संगम यादव, लक्षित चंद्राकर, संजीव यादव, प्रिंस शेरगिल, नमन चौधरी, हर्ष यादव, श्रवण मांझी, अंकुश जायसवाल, अतुल श्रीवास्तव, गौरव साहू, करण वैष्णव, नितिन खटवानी, सुष्मिता साहू, उमाशंकर साहू, विनीत बोनी, अनिमेष त्रिपाठी एवं प्रदीप यादव सहित सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा का संकल्प
सेवा वाहिनी ने संकल्प लिया है कि भविष्य में भी इसी तरह धार्मिक और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा करती रहेगी। भिलाई में इस आयोजन ने न केवल आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी सशक्त संदेश दिया।



































