RIYAD NEWS. पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच सऊदी अरब ने सख्त चेतावनी दी है। रियाद ने साफ कहा है कि यदि उसके क्षेत्र, ऊर्जा ढांचे या रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया तो वह सीधे जवाबी कार्रवाई करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब ने यह संदेश ईरान की लीडरशिप तक पहुंचाया है। यह चेतावनी उस समय दी गई जब ईरानी राष्ट्रपति ने टेलीविजन पर संबोधन देते हुए पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि आगे ऐसे हमले नहीं किए जाएंगे।

ईरान के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि अस्थायी नेतृत्व परिषद ने निर्णय लिया है कि पड़ोसी देशों पर मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया जाएगा, जब तक उन देशों की ओर से ईरान पर हमला नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैं अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं। हमारा किसी देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल-सऊद ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की।

बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सऊदी क्षेत्र या उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाता है तो रियाद पलटवार करेगा। साथ ही यह संकेत भी दिया गया कि जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दे सकता है।

दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। शुरुआती हमलों में तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को निशाना बनाया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। 1 मार्च को ईरान ने आधिकारिक तौर पर खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि की थी। इसके बाद ईरान ने इजरायल और मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए।

खाड़ी देशों पर भी दागे मिसाइल और ड्रोन
ईरानी हमलों की जद में खाड़ी क्षेत्र के कई देश भी आ गए। ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन के कुछ ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और युद्ध का खतरा और गहरा गया है।



































