NEW DELHI/ RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती-2021 से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल प्रभाव से नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केवल जांच लंबित होने के आधार पर उन उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती, जिनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि कथित घोटाले की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए, लेकिन अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार कर दिया।

क्या है पूरा मामला
CGPSC भर्ती-2021 में कथित गड़बड़ी और प्रभावशाली परिवारों के चयन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने 2020 से 2022 के बीच हुई भर्तियों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।

वहीं, डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका कहना था कि उनका चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर हुआ है और उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए जॉइनिंग देने का आदेश दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है।

अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूत
अभ्यर्थियों की ओर से यह तथ्य रखा गया कि 171 चयनित उम्मीदवारों में से सीबीआई की चार्जशीट में केवल 5 नाम शामिल हैं। साथ ही, 125 उम्मीदवारों को पहले ही जॉइनिंग दी जा चुकी है। ऐसे में बाकी अभ्यर्थियों को लंबे समय तक प्रतीक्षा में रखना न्यायसंगत नहीं है।



































