NEW DELHI NEWS. पश्चिम एशिया (Mid-East) में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल के बीच जारी संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। मंगलवार को राज्यसभा में 21 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि यह जंग जारी रही, तो इसके दुष्परिणाम पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत पर भी गंभीर होंगे। उन्होंने इसे देश के लिए ‘बड़ी परीक्षा’ का समय बताते हुए सभी राज्यों से ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ एकजुट होकर काम करने की अपील की है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध के कारण ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाज और क्रू फंसे हुए हैं। इस समुद्री मार्ग में रुकावट आने से भारत के व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। पीएम ने चिंता जताई कि इससे गैस, तेल और फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे आने वाले समय में महंगाई की चुनौती बढ़ सकती है।

राज्यों से अपील और कालाबाजारी पर सख्ती
पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे गरीबों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करें। उन्होंने कहा सुनिश्चित करें कि गरीबों को ‘पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना’ का लाभ निरंतर मिलता रहे। संकट के समय सक्रिय होने वाले जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राज्यों के सहयोग से ही देश की आर्थिक गति को बनाए रखा जा सकता है।

संकट से निपटने के लिए 7 ‘एम्पॉवर्ड ग्रुप’ का गठन
कोरोना काल की रणनीति की तर्ज पर सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए 7 नए एम्पॉवर्ड ग्रुप (Empowered Groups) बनाए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस और महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत काम करेंगे।

भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि
गल्फ देशों में फंसे भारतीयों को संदेश देते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
-अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं।
-ईरान से 1,000 से अधिक भारतीय वापस आए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं।
-हमलों में कुछ भारतीयों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए पीएम ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।





































