KABUL NEWS. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बीती रात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए। अफगान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की वायुसेना ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पांच स्थानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में भारी विस्फोटक इस्तेमाल किए गए, जिससे कई इलाकों में आग के बड़े गुब्बार और तेज धमाके सुनाई दिए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक हमले रात करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुए और लगभग 23 मिनट तक अलग-अलग स्थानों पर विस्फोट होते रहे।

शुरुआती जानकारी के अनुसार सैकड़ों लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की आशंका जताई गई है। अफगान अधिकारियों का कहना है कि हमले में कई संवेदनशील और आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा। जिन स्थानों के पास धमाके हुए, उनमें अफगान रक्षा मंत्रालय के आसपास का रिहायशी इलाका, खुफिया एजेंसी के मुख्यालय के पास की बस्तियां, राष्ट्रपति भवन के आसपास का क्षेत्र और काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के पास स्थित पुराना नाटो बेस शामिल है।

सूत्रों के मुताबिक इसी इलाके में करीब दो हजार बिस्तरों वाला एक सरकारी अस्पताल भी प्रभावित हुआ। बमबारी के बाद कई इमारतों में आग लग गई और बचाव दल को मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत अभियान चलाना पड़ा। रात करीब दो बजे तक मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलों में लगभग 400 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई। हालांकि राहत और बचाव कार्य जारी होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि राजधानी के अलावा नंगरहार प्रांत में भी हवाई हमले किए गए, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि रिहायशी इलाकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है।

वहीं पाकिस्तान सरकार का कहना है कि एयरस्ट्राइक सैन्य ठिकानों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाकर की गई थी और नागरिकों को नुकसान से बचाने की कोशिश की गई। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी इन हमलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नागरिक इलाकों पर हमले से भारी मानवीय नुकसान हुआ है और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा।

करजई ने पाकिस्तान से अपनी नीतियों की समीक्षा करने और सैन्य कार्रवाई के बजाय संवाद और पड़ोसी देशों के बीच सहयोग का रास्ता अपनाने की अपील की।



































