RAIGARH NEWS. छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध नेटवर्क को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत आमाघाट में करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है। शुक्रवार, 20 मार्च को सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और फसल को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि झारखंड निवासी मार्शल सांगां इस खेती को अंजाम दे रहा था। उसने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर जमीन ली थी, लेकिन वहां अफीम उगा रहा था।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जमीन का वास्तविक मालिक कौन है और इस अवैध गतिविधि को किसका संरक्षण प्राप्त था। प्रदेश में पिछले 15 दिनों के भीतर यह अफीम की खेती पकड़े जाने का चौथा मामला है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने यह संकेत दिया है कि प्रदेश में संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार का जाल फैल रहा है।

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि प्रदेश में अफीम की खेती का लगातार खुलासा होना दर्शाता है कि यह सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने कहा कि सूखे नशे के कारोबार का इस तरह विस्तार बेहद खतरनाक है और मुख्यमंत्री व गृहमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

लगातार सामने आ रहे मामलों में एक समानता यह भी है कि कई इलाके झारखंड सीमा से जुड़े या दूरस्थ हैं, जहां निगरानी अपेक्षाकृत कम रहती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। फिलहाल रायगढ़ मामले में पुलिस गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितना व्यापक है।

बता दें कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में 7 मार्च को करीब 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। यह खेती भाजपा नेता विनायक ताम्रकर के फार्महाउस में हो रही थी। पुलिस ने करीब 7.88 करोड़ रुपये मूल्य के अफीम पौधे जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में 3.67 एकड़ में फैली अफीम की खेती पकड़ी गई।

इस कार्रवाई में 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपये आंकी गई। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, हालांकि मुख्य सरगना अब भी फरार बताया जा रहा है। 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा क्षेत्र में तीन किसानों की करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिली थी। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा, पहाड़ी और कम आवाजाही वाला क्षेत्र है, जहां छिपकर खेती की जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने पूरी फसल नष्ट कर दी।



































