RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब वे सीधे कानून के रखवालों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने लगे हैं। ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें साइबर ठगों ने चर्चित IPS अधिकारी और राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर ठगी का नया जाल बिछाया है। भिलाई, दुर्ग और राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आ रही हैं।

वर्दी का खौफ और भरोसा बना ठगी का हथियार
साइबर ठग लोगों के मनोविज्ञान का फायदा उठा रहे हैं। आमतौर पर लोग पुलिस की वर्दी और अधिकारी का नाम देखकर आसानी से विश्वास कर लेते हैं या डर जाते हैं। इसी का लाभ उठाते हुए ठग सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सएप पर IPS अंकिता शर्मा की वर्दी वाली फोटो लगाकर लोगों को कॉल या मैसेज कर रहे हैं।

कहीं वे खुद को अधिकारी बताकर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हैं, तो कहीं किसी योजना या मदद के नाम पर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं।

ऐसे बनाया जा रहा है लोगों को निशाना
फर्जी प्रोफाइल: नामी पुलिस अधिकारियों के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर नकली अकाउंट बनाना।
वीडियो कॉल का जाल: वर्दी पहनकर या किसी अधिकारी का पुराना वीडियो दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर पैदा करना।
निवेश का लालच: अधिकारी की साख का इस्तेमाल कर सुरक्षित निवेश या योजना के नाम पर पैसे ठगना।

दुर्ग-भिलाई में बढ़े मामले
दुर्ग और भिलाई जैसे शिक्षित और जागरूक क्षेत्रों में भी ठगों ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। ये अपराधी कॉल के दौरान बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन जैसा माहौल तैयार करते हैं, जिससे सामने वाला व्यक्ति आसानी से झांसे में आ जाता है और घबराकर उनकी बात मान लेता है।

पुलिस की अपील: सतर्क रहें, घबराएं नहीं
छत्तीसगढ़ पुलिस और स्वयं IPS अंकिता शर्मा ने लोगों से अपील की है कि कोई भी पुलिस अधिकारी फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से पैसे की मांग नहीं करता और न ही किसी को इस तरह की प्रक्रिया में ऑनलाइन गिरफ्तार करता है।
यदि किसी पुलिस अधिकारी के नाम से संदिग्ध कॉल या मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता ही आपको और आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।


































