NEW DELHI NEWS. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की खबरों के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंकाएं जताई जा रही हैं। कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध हैं।

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के समोदिया स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान और वाहन चालक पहुंच गए, जिसके कारण लंबी कतारें लग गईं। लोगों का कहना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसी डर के चलते कई लोग पहले से ही पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो खेती-किसानी के कामों पर भी असर पड़ सकता है।

इधर केंद्र सरकार ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की वृद्धि की गई है। इसके बाद लोगों में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने या किल्लत होने की आशंका भी बढ़ गई है।

इन आशंकाओं के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत में पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम आयातक, चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक देश है। इसलिए अल्पकालिक वैश्विक परिस्थितियों से निपटने की पूरी तैयारी है।

मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों के पास ऐसे वैकल्पिक स्रोत भी उपलब्ध हैं, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरते। इससे यदि वहां अस्थायी बाधा आती है तो भी आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक पर नजर रखने के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर स्थिति के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।

वहीं, सरकार की फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस दावे को फर्जी बताया है, जिसमें कहा जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी हो सकती है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदेशों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।


































