BILASPUR NEWS. बिलासपुर के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। बिलासा देवी एयरपोर्ट, चकरभाठा को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से 3C-IFR लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ ही अब एयरपोर्ट पर रात के समय और खराब मौसम में भी विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। शुक्रवार को डीजीसीए के डायरेक्टर चंद्रमणि पांडेय के हस्ताक्षर से यह अनुमति जारी की गई।

अब तक चकरभाठा एयरपोर्ट पर केवल दिन के समय और साफ मौसम में ही विमानों का संचालन (VFR) हो पाता था। नए लाइसेंस के बाद इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत पायलट आधुनिक उपकरणों की मदद से बारिश, कोहरे और कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे। 20 फरवरी को डीजीसीए की तकनीकी टीम निरीक्षण करेगी। नाइट स्टे और नई उड़ानों की संभावनाएं बढ़ीं।
फरवरी के अंत तक शुरू हो सकती है नाइट फ्लाइट
लाइसेंस मिलने के बाद डीजीसीए की तकनीकी टीम 20 फरवरी को एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सकती है। परीक्षण पूरा होने के बाद फरवरी के अंत या मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में रात की उड़ानों के शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही फ्लाइट शेड्यूल में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

निजी एयरलाइंस की बढ़ी रुचि
वर्तमान में बिलासपुर से केवल एलायंस एयर की सेवाएं संचालित हो रही हैं। नाइट लैंडिंग सुविधा मिलने के बाद अब कई निजी एयरलाइंस ने भी रुचि दिखाई है।
-इंडिगो एयरलाइंस हैदराबाद, कोलकाता और इंदौर रूट पर उड़ानें शुरू करने पर विचार कर रही है।
-स्पाइसजेट प्रयागराज और वाराणसी के लिए 78-सीटर विमान उतारने की योजना बना रही है।
-आकासा एयर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी विस्तार के तहत बिलासपुर को नए गंतव्य के रूप में देख रही है।

शहर के विकास को मिलेगी रफ्तार
3C-IFR लाइसेंस मिलने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। एयरपोर्ट प्रशासन का अगला लक्ष्य इसे 4C श्रेणी में अपग्रेड कराना है, जिससे बड़े विमानों का 24 घंटे संचालन संभव हो सकेगा और यात्रियों को किराए में भी राहत मिलेगी।




































