BILASPUR NEWS. नगर निगम की सामान्य सभा शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। लिंगियाडीह आवास और पट्टे के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने सदन के भीतर और बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लखीराम ऑडिटोरियम के सामने मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा और रास्ता रोकने का मामला दर्ज किया है।

सामान्य सभा की बैठक के दौरान वार्ड-52 के कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल ने 84 दिनों से आंदोलन कर रहे लिंगियाडीह के रहवासियों को ऑडिटोरियम के पास बुलाया था। पाटिल ने महापौर पूजा विधानी से मांग की कि वे बाहर आकर लोगों का ज्ञापन स्वीकार करें। इस पर महापौर ने सख्त लहजे में कहा कि ज्ञापन देना है तो ऑफिस आएं, यह सदन है और इसकी अपनी गरिमा है। इसी बात को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की तक जा पहुंची। स्थिति बिगड़ती देख सभा को भोजन अवकाश तक स्थगित करना पड़ा।

आरोपों से भड़का आक्रोश
हंगामे के बीच भाजपा पार्षद जय वाधवानी ने पार्षद दिलीप पाटिल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाटिल ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकान, स्कूल और मकान बनाकर किराए पर दे रखा है और निजी फायदे के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। इन आरोपों से कांग्रेस पार्षद दल भड़क गया और सदन से निकलकर प्रदर्शनकारियों के साथ सड़क पर उतर आया।

मिशन अस्पताल रोड घंटों रहा जाम
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर चक्काजाम कर दिया। इससे मिशन अस्पताल रोड पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। निगम कमिश्नर, महापौर और सभापति अंदर ही फंसे रहे। करीब एक घंटे बाद जब महापौर और कमिश्नर बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से मिले, तब जाकर जाम खत्म हुआ।

इन नेताओं पर दर्ज हुई FIR
सिविल लाइन टीआई एस.आर. साहू ने बताया कि रास्ता बाधित करने और शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर शिकंजा कसा है। सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, दिलीप पाटिल, अर्पित केशरवानी, रंजीत सिंह, विक्की आहूजा और शहजादा खान सहित अन्य के खिलाफ बलवा और रास्ता रोकने का मामला दर्ज किया गया है।



































