SAKTI NEWS. छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में शासकीय भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों के खिलाफ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। जिला इकाई शक्ति द्वारा अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 30वें दिन में प्रवेश कर गया है। 3 जनवरी 2026 से जारी इस आंदोलन के बावजूद प्रशासन की चुप्पी से कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने प्रशासन के समक्ष अपनी चार मुख्य मांगें रखी हैं खसरा नंबर 1311/1 से 1311/5 की विवादित बिक्री में शामिल पटवारी को तत्काल निलंबित कर एफआईआर दर्ज की जाए उक्त खसरा नंबर की जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री में सहयोग करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो। खसरा नंबर 1311 के सभी बटांकों की अवैध बिक्री को तत्काल शून्य घोषित किया जाए। इन जमीनों के अवैध क्रेता-विक्रेताओं और गवाहों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन को चेतावनी: उग्र होगा आंदोलन
पार्टी के पदाधिकारियों का आरोप है कि शक्ति क्षेत्र में शासकीय भूमि की बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही है, जिसमें भू-माफियाओं के साथ कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी संलिप्त हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता दादा राधेश्याम कोकाड़िया और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भैया सूरज यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश के पदाधिकारी शक्ति पहुंचेंगे और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।

1 लाख लोगों के जुटने की संभावना
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष कीर्तन सिंह मरावी ने कहा कि यह लड़ाई जनता के हक और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए है। पार्टी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आंदोलन में लगभग 1 लाख लोगों की सहभागिता हो सकती है। नेताओं ने दोटूक कहा है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
वर्तमान में धरना स्थल पर शांति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की बेरुखी आंदोलन की आग को और भड़का सकती है। अब देखना यह होगा कि शासन इस गंभीर मामले में कब संज्ञान लेता है।




































