RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में साल 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर जारी धान खरीदी संपन्न हो गई। इस साल 25 लाख 11 हजार से ज्यादा किसानों से 139.85 लाख टन धान की खरीदी हुई है, जो पिछले साल हुई 148.10 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की तुलना में करीब 9 लाख मीट्रिक टन धान की कम है। पिछले साल 25.40 लाख किसानों से धान बेचा था। इस लिहाज से इस साल धान बेचने वाले किसानों की संख्या भी करीब 30 हजार कम है।

कम धान खरीदी का आंकड़ा धान के कुल मूल्य में भी झलका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों के पास 34 हजार 84 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचे थे। इस साल यह राशि 33, 149 हजार करोड़ रही। जिले वार धान खरीदी पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी महासमुंद जिले में हुई है। बालोद में 7 लाख मीट्रिक टन, बिलासपुर में 6.75, रायपुर में 6.65 , कवर्धा में 6.28, राजनांदगांव में 6.25 और कांकेर में 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

सबसे कम दंतेवाड़ा जिले में 22,838 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई। इस साल धान खरीदी के दौरान सरकार ने काफी कड़ी नजर रखी थी। राज्य के बॉर्डर जिलों की चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर चौबीसों घंटे निगरानी की गई। वहीं, प्रदेश के हर धान खरीदी केंद्रों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाकर अवैध धान खरीदी पर नकेल कसी गई, जो भी किसान धान बेचने आए, उनकी गाड़ी के साथ फोटो लेकर ऐप पर अपोड किया गया। इसी आधार पर अब कृषि मंत्री राम विचार नेताम का कहना है कि हमनें बाहरी राज्यों से आने वाले अवैध धान को रोका, इससे आंकड़ा कम हुआ। कांग्रेस सरकार में जमकर अवैध धान की खरीदी होती थी।

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 139 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी हुईं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा धान खरीदी का काम बहुत चुनौती भरा था। हमने किसानों के सही उपज की खरीदी की है। पिछले साल से 10 लाख मीट्रिक टन कम खरीदी पर क़ृषि मंत्री ने कहा इस वर्ष भारी मात्रा में अवैध धान जब्ती हुई है। कांग्रेस सरकार में अंधाधुंध अवैध धान खरीदी होती थी। हम भी अवैध खरीदते तो 150 लाख मिट्रिक टन से ज्यादा खरीद लेते। हमने अवैध धान न खरीद राज्य का पैसा बचाया बिचौलियों, भ्रष्टाचारियों को मौका नहीं दिया। अभी भी कई किसानों के धान न बिकने पर मंत्री नेताम ने कहा सभी जिलों से किसानों की रिपोर्ट मंगा रहे हैं। क़ृषि मंत्री नेताम ने कांग्रेस को कहा कांग्रेस को सद्बुद्धि मिले, नकारात्मक बात ना करें। कांग्रेस किसानों को सही सलाह दें ना कि बरगलाएं।


































